लखनऊ में 1228 नर्सिंग अधिकारियों को मिले नियुक्ति पत्र, सीएम योगी आदित्यनाथ बोले-सेवा और संवेदना ही सबसे बड़ी ताकत

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में 1228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब आपकी सेवा और संवेदना मरीज की सहयोगी बनती है तो इसके परिणाम हम सभी को स्पष्ट दिखाई देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा की इस भावना से आपको और अधिक जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने आज पूरे विश्वास और प्रतिबद्धता के साथ एक कार्यक्रम शुरू किया है। वे दिन बीत गए, जब लोग मेडिकल या नर्सिंग कॉलेज खोलने के महत्व पर सवाल उठाते थे। सीएम योगी ने कहा कि नर्सिंग में अगर किसी ने डिग्री ली है तो उसका प्लेसमेंट भी 100 प्रतिशत सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले प्रदेश के अंदर बदहाल स्थितियां थीं। पिछले नौ वर्ष में 81 मेडिकल कॉलेज संचालिए किए गए हैं। 2017 से पहले स्वास्थ्य की सुविधा भगवान भरोसे थी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में हजारों मौतें होती थीं, कोई पूछने वाला नहीं था। पिछली सरकारों में जो एएनएम और जेएनएम के इंस्टीट्यूट बंद हो गए थे, उसको हम लोगों ने शुरू किया है।
उन्होंने कहा 35 एएमएम प्रशिक्षण सेंटर बंद हो चुके थे, उनको फिर से चालू किया गया। 35 नर्सिंग कॉलेजों के फिर निर्माण काम चल रहा है। डबल इंजन की सरकार ने हेल्थ केयर को प्राथमिकता पर लिया, जिसका परिणाम हम सबको देखने को मिल रहा है। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में भारी अंतर देखने को मिला है। इस मामले में उत्तर प्रदेश नेशनल एवरेज से समकक्ष खड़ा हो रहा है, क्योंकि सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा था।
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले हर विभाग का एक माफिया होता था। माफिया के तय करने से विभाग संचालित होता था। अब माफिया नहीं, बल्कि अब प्रदेश एक जिला एक मेडिकल कॉलेज की ओर बढ़ा है। हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ी है। गोरखपुर और रायबरेली में अच्छे ढंग से एम्स संचालित हो चुका है।
उन्होंने कहा कि यूपी में नर्सिंग में 7000 सीट और पैरामेडिकल में 2000 सीट की बढ़ोतरी हुई है। सीएम ने कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया हो या शासन की योजना का लाभ, बिना भेदभाव के समाज के हर वर्ग को मिल रहा है। योग्यता में कोई भेदभाव नहीं हो रहा है। एससी, एसडी और ओबीसी के लिए जो आरक्षण की व्यवस्था है, उसको पूरी तरह से फॉलो किया जा रहा है। दिव्यांगजनों के लिए पूर्व सैनिकों के लिए पूरी तरह से लागू किया जा रहा है।

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