लखनऊ । मोतीझील, ऐशबाग स्थिति माधव कला मंडप में ममता चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक एवं बीजेपी अवध क्षेत्र उपाध्यक्ष राजीव मिश्र कथा समिति के संयोजक प्रदीप शर्मा जी, मुख्य सहयोगी अधिवक्ता संतोष माहेश्वरी एवं कोषाध्यक्ष गौरव पांडे द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के छठे दिन मुख्य केंद्र बिंदु ,आकर्षण 21 सफाई कर्मचारियों द्वारा दीप प्रज्वलन करवा के कथा का प्रारम्भ रहा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के छ्ठे दिन सुविख्यात कथा प्रवक्ता पूज्य संत पंडित राम शरण शास्त्री जी महाराज ने रुक्मिणी विवाह का अद्भुत कथानक सुनाया।
रुक्मिणी, विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री थीं. वे बहुत सुंदर और बुद्धिमान थीं। एक बार जब पिता भीष्मक ने रुक्मिणी के लिए वर की तलाश की, तो उनसे मिलने वाले हर व्यक्ति ने श्रीकृष्ण की वीरता और साहस की बात बताई। रुक्मिणी ने मन ही मन श्रीकृष्ण को अपना पति मान लिया था। रुक्मिणी ने ठान लिया था कि वह सिर्फ़ श्रीकृष्ण से विवाह करेंगी और नहीं तो प्राण त्याग देंगी। उन्होंने अपनी एक सखी के ज़रिए श्रीकृष्ण को संदेश भेजा। संदेश में रुक्मिणी ने बताया कि वह श्रीकृष्ण से प्रेम करती हैं और उनका विवाह शिशुपाल से तय हो गया है। संदेश मिलने पर श्रीकृष्ण विदर्भ पहुंच गए। जब शिशुपाल विवाह के लिए द्वार पर आया, तब श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण कर लिया। रुक्मिणी के भाई रुक्म को जब पता चला, तो वह अपने सैनिकों के साथ कृष्ण के पीछे गया। श्रीकृष्ण और रुक्म के बीच भयंकर युद्ध हुआ, जिसमें द्वारकाधीश विजयी हुए। इसके बाद श्रीकृष्ण रुक्मिणी को लेकर द्वारका आ गए और दोनों का विवाह हो गया। कथास्थल पर विवाहोत्सव में आनंदमग्न हुए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु।
कंस ने कृष्ण को मारने के लिए कई असुरों को भेजा, जिनमें से सभी का कृष्ण द्वारा वध कर दिया गया। अंत में, कृष्ण अक्रूर जी के साथ मथुरा पहुँचते हैं और अपने मामा कंस का वध करते हैं तथा अपने माता पिता को कारावास से मुक्त कराया गया। कंस वध के बाद भी भगवान ने कई लीलाएं की जो जीवों को मोक्ष देने के लिए हितकारी हैं।
कथा समापन आरती में मुख्य यजमान राजीव मिश्रा समिति के उपाध्यक्ष जितेश श्रीवास्तव, अमित गुप्ता, अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा, अधिवक्ता प्रदीप शर्मा, पत्रकार संजय तिवारी, शशिकान्त शुक्ल, रौनक सिंह, लक्ष्मी बहन, अनिल पाण्डेय, अखिल भारतीय पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा, जीतेंद्र शर्मा, ब्रिजेश शर्मा, विमल कुमार एवं सैकडों की संख्या में भक्तजन मौजूद रहे मौजूद रहे रहे हजारों की संख्या में श्रोता गण को महाराज जी के द्वारा गाए गए दर्जनों भजनों पर झूमते हुए देखा गया।
आयोजकों ने लखनऊ वासियों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में सपरिवार मोक्षदायिनी कथा का श्रवण करने का आवाहन किया
