दीप प्रज्वलन समारोह, जो फ्लोरेंस नाइटिंगेल को श्रद्धांजलि स्वरूप आयोजित किया जाता है, प्रत्येक नर्स के जीवन का एक शुभ अवसर होता है। पहली बार अपनी वर्दी में सुसज्जित नवोदित नर्सें औपचारिक रूप से नर्सिंग पेशे में अपने प्रवेश को चिह्नित करती हैं। विवेकानन्द कॉलेज व स्कूल ऑफ नर्सिंग, लखनऊ के बी. एस. सी. (नर्सिंग) के 21वें सत्र व जी.एन.एम. के 35वें सत्र के प्रथम वर्ष की छात्राओं का दीप प्रज्जवलन एवं शपथ ग्रहण समारोह विवेकानन्द कॉलेज एवं स्कूल ऑफ नर्सिग के पश्चिमी प्रांगण में भारी संख्या में उपस्थित शहर के कुछ मेहमानों, छात्राओं व कुछ नर्सिग संस्थाओं की प्रधानाचार्यों की मौजूदगी में मनाया गया।
इस अवसर पर*रामकृष्ण मिशन आश्रम, कानपुर के सचिव एवं ट्रस्टी, रामकृष्ण मठ, बेलूड़ मठ, हावड़ा के स्वामी आत्मश्रद्धानन्द जी महाराज मुख्य अतिथि थे। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि* नर्सिग में प्रशिक्षित नर्साें को पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराने के लिये नर्सिग स्कूल की कोशिशों की सराहना की। उन्हांेने यह भी कहा कि नर्सिग पेशे में 24 घंण्टे त्याग की भावना, समर्पण, समझदारी और निस्वार्थ सेवा की मॉग है और इस नर्सिग व्यवसाय को स्वेच्छा से चुनने के लिए विद्यार्थीयों की सराहना की साथ ही साथ यह भी कहा कि नर्सिग सेवा किसी भी अस्पताल की रीढ़ की हड्डी होती है। उन्होंने कहा कि नर्स न केवल नर्सिंग कौशल सीखती हैं, बल्कि रोगियों के दर्द को अपने दिल से महसूस कर उसे दूर करने की पुरी कोशिश करती हैं ताकि उनके कष्टों को कम किया जा सकें।
उन्होंने शपथ दीप प्रज्जवलन समारोह की भूरि-भूरि प्रसंन्सा की और कहा कि जो छात्रायें इस संस्थान से उर्त्तीण किया है वे भाग्यशाली हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान सदैव विद्यार्थीयों की पहली पसंद है। नर्सिग कालेज द्वारा आसाधारण परिणाम व छात्राओं जिन्होने इस सम्मानजनक पेशे को अपनाया और बाहरी प्रतिस्पर्धा हेतु अपने को तैयार करने के लिए बधाई दी।
*विशिष्ठ अतिथि के रूप में कमाण्ड हॉस्पिटल (सेंट्रल कमांड), लखनऊ के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रिंसपल कर्नल जीना वी*. उपस्थित थी। उन्होंने शपथ दीप प्रज्जवलन समारोह की भूरि-भूरि प्रसंन्सा की और कहा कि जो छात्रायें इस संस्थान से उर्त्तीण किया है वे भाग्यशाली हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान सदैव विद्यार्थीयों की पहली पसंद है। नर्सिग कालेज द्वारा आसाधारण परिणाम व छात्राओं जिन्होने इस सम्मानजनक पेशे को अपनाया और बाहरी प्रतिस्पर्धा हेतु अपने को तैयार करने के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम का शुभारम्भ नर्सिंग छात्राओं के वैदिक मंत्रोचारण व मुख्य अतिथि के दीप प्रज्जवलन से हुआ।
*स्वागतीय उद्बोधन में संस्थान के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानन्दजी महाराज ने समारोह की महत्ता पर प्रकाश उन्होंने जोर देते हुए कहा कि* आज 50 बी. एस. सी. (नर्सिंग) व 60 जी. एन. एम. प्रथम वर्ष की छात्राएं त्याग और सेवा के लिए शपथ ले रही हैं उससे न केवल उनका ही जीवन चमकेगा बल्कि वे बहुतों के अधेंरे जीवन में आभा व आराम लाएगी। उन्हांेने कहा कि ईश्वर सदैव अपनी पंसदीदा इन युवा प्रशिक्षु उपचारिकाओं को आर्शिवाद देते रहेगें जिससे वह सफलता, सम्मान एवं खुशीया मिलती रहेगीं जो इस नर्सिग सेवा से जुड़ने पर मिलती है। उन्होंने कहा कि नर्सों को अपनी व्यावसायिक आवश्यकता को पूरा करने के अवसर के साथ ही साथ संकटग्रस्त रोगियांे की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त होता है, जो उनके लिए भगवान का आशीर्वाद बन जाता है।
इसके उपरान्त *कॉलेज की प्रधानाचार्या श्रीमती (डा0) एन वेंकटलक्ष्मी* ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए नर्सिग स्कूल के छात्राओं के एकेडमिक व क्लीनिकल उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दीप प्रज्जवलन समारोह नव आगुन्तको को प्रेरणा प्रदान करेगा व शपथ उनकी सेवा में फ्लोरेंस नाइटेगेल के मूल्यों को प्रतिबिम्बत करेगा। श्रीमती एन वेंकटलक्ष्मी ने कहा कि नर्सिंग पेशा ऐसा पेशा है जिसके माध्यम से नर्सेज अपने चारों तरफ के लोगों के जीवन में खुशियां व प्रकाश ला सकती हैं इसलिए यह पेशा सम्मानीय है।
छात्राओं ने श्री रामकृष्ण, श्री माँ सारदा देवी एवं स्वामी विवेकानन्द जी के अलंकृत छवि व फ्लोरेंस नाइटेगेल के चित्र के समक्ष हाथों में दीप लिए व अनुनादपूर्वक वैदिक मंत्रो का उच्चारण करते हुए शपथ लिया।
इस अवसर पर कॉलेज की मेधावी छात्राओं को भारी संख्या में आकर्षक मेडल, पुस्तकें व नगद धनराशि के रूप में पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र भी दिए गए।
दीप प्रज्जवलन समारोह के अन्त में नर्सिग छात्राओं के सामूहिक गान ने उपस्थित सभी मेहमानों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी और सभी को प्रोत्साहित किया कि वे भी अपने अंदर त्याग व सेवा की भावना को जगाए।
कार्यक्रम का समापन विवेकानन्द कॉलेज एवं स्कूल ऑफ नर्सिग के श्री मेरिडिथ, उप प्रधानाचार्य के सह-धन्यवाद के साथ हुआ तथा अंत में सभी उपस्थित लोगो को शानदार जलपान भी कराया गया।
