नई दिल्ली : गुरुवार के बाद आज शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी के की कीमतों में भारी गिरावट जारी है. एमसीएक्स पर चांदी में सुबह 9 बजे 15,000 रुपये प्रति किलो गिरावट आई है. चांदी का रेट 2,29,872 रुपये पर आ गया है. MCX पर चांदी में 6 फीसदी का लोअर सर्किट लगा है. गोल्ड में भी आज गिरावट देखी जा रही है. गोल्ड में भी 0.82 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा रही है. सोने का भाव 1,50,675 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है.
इससे पहले MCX पर अप्रैल 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट गुरुवार को ₹1,52,260 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. यह अपने रिकॉर्ड हाई ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम से करीब ₹28,500 नीचे आ गया था. हालांकि, गुरुवार को घरेलू बाजार में MCX गोल्ड के भाव में हल्की तेजी देखने को मिली. वहीं, MCX पर चांदी की कीमत ₹2,46,452 प्रति किलो पर बंद हुई, जो अपने ऑल-टाइम हाई ₹4,20,048 प्रति किलो से करीब ₹1,73,500 कम है. गौर करने वाली बात यह है कि MCX पर सोना और चांदी दोनों ने ये रिकॉर्ड ऊंचाई पिछले हफ्ते शुक्रवार को ही छुई थी.
क्यों आई सोने-चांदी में भारी गिरावट?
आज सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव इसलिए है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता दिख रहा है. मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, सेबी-रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, दोनों देशों ने संभावित न्यूक्लियर डील को लेकर बातचीत शुरू करने का ऐलान किया है और आज (शुक्रवार) पहली बातचीत हो रही है.
इस खबर के बाद निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) जैसे सोना-चांदी से हटकर अमेरिकी डॉलर की तरफ बढ़ा है. डॉलर मजबूत होने से आमतौर पर सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ता है. वहीं, PACE 360 के चीफ ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट अमित गोयल का कहना है कि सोने और चांदी समेत मेटल्स में जो तेजी थी, वह अब अपने ऊपरी स्तर पर पहुंच चुकी है. उन्होंने सलाह दी है कि ऊंचे भाव पर खरीदे गए पोजीशन वाले निवेशक हाल की हल्की तेजी (डेड-कैट बाउंस) में निकल सकते हैं. उनके मुताबिक, आगे चलकर कीमती धातुओं की कीमतों में और गिरावट आ सकती है और धीरे-धीरे ये अपने सही या वाजिब स्तर (फेयर वैल्यू) की ओर बढ़ेंगी, जो मौजूदा कीमतों से काफी नीचे मानी जा रही है.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम हुआ
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर (USD) के मजबूत होने की वजह से सोने और चांदी की कीमतों पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है. उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम हुआ है, क्योंकि दोनों देश आज शुक्रवार को ओमान में एक बार फिर न्यूक्लियर बातचीत शुरू करने वाले हैं. इससे सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग कमजोर पड़ी है, जबकि डॉलर प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है.
