दिनांक 22.02.2026 को पुराना उच्च न्यायालय कैसरबाग जनपद लखनऊ में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के तत्वावधान में मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया जायेगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, श्री जीवक कुमार सिंह द्वारा यह बताया गया कि माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं माननीय कार्यपालक अध्यक्ष/वरिष्ठ न्यायमूर्ति, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में दिनांक 22.02.2026 को मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। उक्त निर्देशों के अनुपालन में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ श्री मलखान सिंह के कुशल निर्देशन में पुराना उच्च न्यायालय कैसरबाग जनपद न्यायालय लखनऊ में दिनांक 22.02.2026 को मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा विर का आयोजन सुनिश्चित किया गया है।
उक्त आयोजन को सफल बनाये जाने हेतु मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के नोडल अधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार द्विवेदी, विशेष न्यायाधीश, सी0बी0आई0 सेन्ट्रल लखनऊ द्वारा दिनांक 05.02.2026 को जनपद लखनऊ के समस्त विभागों के विभागाध्यक्षों/पदाधिकारियों के साथ पुराना उच्च न्यायालय स्थित मीडियेशन सेन्टर लखनऊ में सांय 4ः30 बजे बैठक आहूत की गयी है। बैठक में श्री रवीन्द्र कुमार द्विवेदी द्वारा बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के तत्वावधान में दिनांक 22.02.2026 को मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन पुराना उच्च न्यायालय कैसरबाग लखनऊ में किया जा रहा है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के निर्बल एवं वंचित वर्गो को विधिक सहायता के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अन्तर्गत निर्बल वर्ग, दिव्यांगजन, बच्चों, स्त्रियों, निर्धन वर्ग, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति हेतु सरकार द्वारा चलायी जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को जोड़ना है। शिविर में विधिक परामर्श, निःशुल्क कानूनी सहायता, लोक अदालत से सम्बन्धित जानकारी तथा अन्य आवश्यक सेवायें एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जायेगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के सचिव जीवक कुमार सिंह ने जनपद लखनऊ के समस्त नागरिकों से अपील की है कि दिनांक 22.02.2026 को पुराना उच्च न्यायालय कैसरबाग लखनऊ में आयोजित होने वाले मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर उपलब्ध सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उठाएं, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय एवं विधिक सहायता की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
