किसानों की मांगे / समस्याएं निम्नलिखित है:-
1. उ0प्र0 के समस्त जिलों में डी०ए०पी० और यूरिया किसानों को बुआई के समय पर नहीं मिलती है तथा बाज़ार में निर्धारित मूल्य से काफी अधिक कीमत पर खाद बेचकर विक्रेताओं के द्वारा किसानों से अवैध वसूली की जा रही है। रबी फसल की बुआई समय किसानों को पर्याप्त मात्रा में न्यूनतम सरकारी मूल्य पर खाद उपलब्ध करायी
जाए।
2. किसान दुर्घटना बीमा में परिवार को इकाई माना जाये, हमारे देश में परम्परा है जब तक पिता जीवित है तब तक जमीन संतान के नाम नहीं आती जबकि 80 वर्षीय बुजुर्ग पिता खेती में कार्य करने नहीं जाते, परिणाम यह होता है कि खाता धारक किसान के अतिरिक्त उसके पुत्रों आदि की मृत्यु पर किसान होने के बाद भी मृतक को किसान दुर्घटना बीमा का लाभ नहीं मिलता।
3. वर्ष 2012 से बाजार की सभी वस्तुएं की कीमत काफी बढ़ गयी हैं, सरकार से अनुरोध है कि किसान दुर्घटना बीमा की राशि को दोगुना किया जाएं।
4. मृतक आश्रित में सरकार के द्वारा एक आदेश हुआ जिसमें मृतक आश्रित के भाई को
भी नौकरी देने की बात की गयी थी। परन्तु सरकार के द्वारा मृतक आश्रित संशोधन नियम में परिवर्तन किया गया है। उम्र की सीमा मृतक आश्रित की क्रियान्वयन तारीख तक उम्र का लाभ दिया जाये आदेश संलग्न है।
5. बाढ़ आपदा व सूखा में किसानों को फसल बीमा का सम्पूर्ण लाभ दिया जाये व प्राकृ तिक आपदा के कारण प्रान्तीय सरकार व केन्द्र सरकार के द्वारा 25000/- रूपये प्रत्येक किसान को मुआवजा दिया जाये।
6. किसान का एन०पी०ए० अकाउन्ट होने के बाद बैंक किसान को ऋण देना बंद कर देती है. एन०पी०ए० अकाउन्ट धारक किसानों को भी सुचारू रूप से ऋण का पात्र माना जाना चाहिए। कृषि ऋण को किसानों की सिविल में न जोड़ा जाए।
7. किसानों के बच्चों को शिक्षा ऋण नहीं मिलता है जबकि किसान देश की रीड़ की हड्डी माने जाते है। किसानों को भी शिक्षा ऋण के दायरे में लाया जाये।
8. किसान एवं मजदूरों की घरेलू बिजली 400 यूनिट निःशुल्क की जाये और बिजली चेकिंग के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बंद किया जाये।
9. उ०प्र० के किसानों को 550/- रूपये प्रति कुन्टल गन्ने का रेट दिया जाये। भारतीय जनता पार्टी ने 2017 के चुनाव से पूर्व 450/- रूपये प्रति कुन्टल किसान को गन्ना मूल्य देने के लिए आश्वासन दिया था। आपकी सरकार 2017 से आज तक 9 वर्षो से सत्तासीन है इसलिए भारतीय किसान महात्मा टिकैत संगठन सरकार से अनुरोध करता है कि आप गन्ना मूल्य पर अपने वादे को व 9 वर्षों की महंगाई को दृष्टिगत रखते हुए 1- रूपये प्रति कुन्टल का मूल्य किसान को दें।
550/-
10. उ0प्र0 में जितनी भी नदिया है सबको अभियान चलाकर एक दूसरे से जोड़ दिया जाए। जिससे प्रदेश में न तो बाढ़ आयेगी और न ही सूखा रहेगा। इससे जनता जर्नादन को लाभ मिलेगा और मछली पालन में भी व्यापारियों व किसानो को लाभ मिलेगा। भारत रत्न श्रधेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी ने अपने कार्यकाल के समय देश की सारी नदियों को एक दूसरे से जोड़ने की योजना बनायी थी जिसको प्रदेश में आजतक धरातल पर नहीं उतारा गया है जिससे प्रत्येक वर्ष बाढ़ व सूखे में किसानो
की लाखों बीघा जमीन की फसले नष्ट हो जाती है। आप याजना का धरातल पर लान में सक्षम है और नदी जोड़ने का सौभाग्य भी आपको मिलेगा जो पूरे देश के लिये एक मिशाल बनेगी।
11. 2022 के घोषणा पत्र में भाजपा द्वारा एक हजार करोड़ रुपये का प्रदेश के किसानो से आलू, टमाटर, प्याज पजैसी सभी फसली के ज्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने का किया था जो अभी तक पूरा नहीं किया गया है। तत्काल रूप से वादे को पूरा किया आलू मटर प्याज उत्पादक किसान काफी समय से बड़े घाटे को झेलते चले आ रहे हैं अपने घोषणा पत्र में किये गये वादे के अनुसार किसानो को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने का कार्य किया जाए।
