नई दिल्ली। कमोडिटी बाजार में आज एक नया इतिहास रचा गया है। चांदी की कीमतों ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहली बार 3 लाख रुपए प्रति किलो का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। मात्र एक महीने के भीतर चांदी के दाम 2 लाख रुपए से बढ़कर 3 लाख रुपए तक पहुंच गए हैं, जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। आज की स्थिति : 14 हजार रुपए का उछाल 19 जनवरी को MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर चांदी की कीमतों में 14,000 रुपए से ज्यादा की तेजी देखी गई, जिससे भाव 3 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गए। वहीं, हाजिर सर्राफा बाजार में भी चांदी करीब 12 हजार रुपए की बढ़त के साथ 2.94 लाख रुपए प्रति किलो पर कारोबार कर रही है।
कीमतों में रॉकेट जैसी रफ्तार
चांदी की कीमतों में बढ़त का सफर अब अविश्वसनीय गति से आगे बढ़ रहा है:
50 हजार से 1 लाख: पहुंचने में 14 साल लगे।
1 लाख से 2 लाख: पहुंचने में 9 महीने लगे।
2 लाख से 3 लाख: पहुंचने में सिर्फ 1 महीना लगा।
क्यों लग रही है चांदी में ‘आग’? (प्रमुख कारण)
औद्योगिक मांग : सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और 5G टेक्नोलॉजी में चांदी का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल हो रहा है। ‘ग्रीन एनर्जी’ क्रांति ने इसकी मांग को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
सप्लाई का संकट: दुनिया भर में चांदी का उत्पादन मांग के मुकाबले काफी कम है। 70% चांदी अन्य धातुओं (तांबा-जस्ता) के बाय-प्रोडक्ट के रूप में निकलती है, जिससे इसकी स्वतंत्र सप्लाई बढ़ाना मुश्किल है।
कमजोर डॉलर : अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स (DXY) गिरने से चांदी की कीमतों को ग्लोबल सपोर्ट मिल रहा है।
भविष्य की राह : क्या ₹4 लाख तक जाएंगे दाम?
बाजार विशेषज्ञों और दिग्गज निवेशकों का मानना है कि यह तेजी अभी थमने वाली नहीं है : मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज: 2026 तक भाव 3.20 लाख तक जा सकते हैं। सैमको सिक्योरिटीज: तकनीकी संकेतों के आधार पर कीमतें 3.94 लाख तक पहुंचने की संभावना है।
ग्लोबल एक्सपर्ट्स : कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी $200 प्रति औंस तक जा सकती है, जिससे भारतीय बाजार में दाम 4 लाख रुपए के पार निकल सकते हैं।
निवेशकों के लिए सलाह : विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी में निवेश के लिए ‘सिल्वर ईटीएफ’ (ETF) और सिल्वर फ्यूचर्स सुरक्षित और आधुनिक तरीके हैं। हालांकि, जो लोग भौतिक चांदी (सिक्के या बार) खरीदना चाहते हैं, उन्हें केवल BIS हॉलमार्क्ड चांदी ही लेनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में आने वाली हर गिरावट खरीदारी का एक अच्छा अवसर हो सकती है।
