नई दिल्ली : सीरिया में तैनात इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) के कुछ सैनिकों पर गंभीर आरोप सामने आए हैं. इजरायली टीवी चैनल की एक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, करीब दो हफ्ते पहले सीरिया में ऑपरेशन के दौरान IDF के जवानों ने स्थानीय सीरियाई किसानों की लगभग 250 बकरियों का झुंड चुरा लिया और उसे अवैध तरीके से वेस्ट बैंक में पहुंचा दिया. टाइम्स ऑफ इजरायल ने चैनल 12 न्यूज के हवाले से बताया कि, यह घटना उस वक्त हुई जब गोलान ब्रिगेड की एक बटालियन गोलान हाइट्स के जरिए सीरियाई इलाके में एक सैन्य मिशन पर थी. इसी दौरान सैनिकों ने सीरियाई किसानों के बकरियों के झुंड को अपने कब्जे में ले लिया और उसे इजरायली क्षेत्र में ले आए.
कैसे बकरियों को ले आए?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस कार्रवाई की पहले से तैयारी की गई थी. बकरियों को ट्रकों में लादा गया, जो कथित तौर पर पहले से तैयार रखे गए थे, और फिर उन्हें वेस्ट बैंक के उन फार्मों तक पहुंचाया गया, जो अवैध चौकियों (Illegal Outposts) में स्थित हैं. इन इलाकों में पशुपालन आम बात है.
कैसे हुआ खुलासा?
यह मामला तब सामने आया जब अगले दिन गोलान हाइट्स में रहने वाले किसानों ने सड़कों पर दर्जनों बकरियों को भटकते हुए देखा और इसकी सूचना सेना को दी. इसके बाद IDF ने जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि करीब 200 बकरियां इजरायल के भीतर बिना पहचान और बिना वैक्सीनेशन के घूम रही हैं, जबकि बाकी झुंड का हिस्सा सीरियाई इलाके में इधर-उधर बिखर गया.
इजरायली डिफेंस फोर्स ने क्या एक्शन लिया?
IDF ने चैनल 12 को दिए बयान में स्वीकार किया कि यह कार्रवाई अनधिकृत (Unauthorized) थी. सेना के मुताबिक, इस घटना के बाद संबंधित स्क्वाड कमांडर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, कंपनी कमांडर को कड़ी फटकार लगाई गई है और पूरी स्क्वाड को लंबे समय के लिए निलंबित कर दिया गया है. IDF ने यह भी कहा कि मामला वरिष्ठ कमांडरों के संज्ञान में है और उचित कार्रवाई की जा रही है.
क्या सीरिया में तैनात हैं इजरायली सैनिक?
गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में बशर अल-असद की सरकार गिरने के बाद से इज़राइली सेना ने दक्षिणी सीरिया में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है. IDF इस समय सीरिया के भीतर नौ सैन्य ठिकानों पर तैनात है, जिनमें से ज्यादातर संयुक्त राष्ट्र की ओर से निगरानी किए जाने वाले बफर जोन के भीतर हैं. इज़राइली सेना का कहना है कि उसके सैनिक सीमा से लगभग 15 किलोमीटर अंदर तक ऑपरेशन कर रहे हैं, ताकि ऐसे हथियार जब्त किए जा सकें जो भविष्य में ‘दुश्मन ताकतों’ के हाथ लगकर इजरायल के लिए खतरा बन सकते हैं
