इटावा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद भू-माफियाओं और दबंगों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला जनपद इटावा की तहसील सैफई के ग्राम कथुआ का है, जहां एक पीड़ित किसान अपनी ही जमीन को दबंगों के चंगुल से छुड़ाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम बोझा के निवासी रामऔतार पुत्र मथुरा प्रसाद ने जिलाधिकारी (डीएम) इटावा को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि उसकी पुश्तैनी भूमि (गाटा संख्या 1969 और 2230) पर गांव के ही कुछ दबंगों ने पिछले 18-20 वर्षों से अवैध कब्जा कर रखा है।
दबंगई और जान से मारने की धमकी
प्रार्थना पत्र के अनुसार, विपक्षीगण नेत्रपाल यादव, रक्षपाल यादव, अजब सिंह यादव और राजनश्री ने अपनी दबंगई के बल पर किसान की जमीन पर कब्जा किया हुआ है। पीड़ित का कहना है कि जब भी वह अपनी जमीन पर खेती करने का प्रयास करता है, तो ये लोग उसे गाली-गलौज करते हैं और मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। किसान ने आरोप लगाया कि उसे “जान से मारने की धमकी” भी दी जा रही है।
पूर्व में भी दी थी शिकायत
पीड़ित रामऔतार ने बताया कि इससे पहले उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) सैफई को भी शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की सुस्ती के कारण विपक्षीगण के हौसले और अधिक बढ़ गए हैं, जिससे पीड़ित का पूरा परिवार दहशत में है।
प्रशासन से मांग
पीड़ित ने जिलाधिकारी से निवेदन किया है कि:
उसकी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए।
दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि वह सुरक्षित रूप से अपनी जमीन पर खेती कर सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाता है और पीड़ित किसान को उसकी जमीन वापस मिल पाती है या नहीं।
