गौरैया संस्कृति संस्थान द्वारा बसंत बहार के तहत कार्यशाला का समापन।आज सभी प्रतिभागी एक एक गीत एकल गायन प्रस्तुत किया।जिससे कलाकार बनने के मार्ग में अग्रसर हो सके।26जनवरी को देखते हुए सुराजी गीत (राष्ट्र भक्ति )गीत सिखाई गई,देसवा आपन हम बचइबे सब जतनिया कइके ना..। शिव जी के विवाह का
गीत सिखाया जा रहा है, जिसमें चलै महादेव गौरा बियाहन …आज हमका दिहू वरदान चलो री गुइयां..राज जनक जी के.. गंगा नहाए…सखि छोटी ननद बेंदे पे अङी…गोकुल में बाजेला बधइया..सिखाईगई। संस्था की उपाध्याय आभा शुक्ला ने बताया कि कार्यशाला में अल्पना श्रीवास्तव,प्रतिमा त्रिपाठी,नीलम तिवारी ,माधुरी सिंह, लता तिवारी, रीना सिंह, शशि सिंह,अवनीश शुक्ला,अमिता दिवेदी,निकिता मिश्रा,रमा सिंह, सुषमा,कविता सिंह,नवनीता जफा,गोपाली चंद्रा,सरिता अग्रवाल, सिंह, वीना सक्सेना,साधना कपूर,सुनीता निगम, शशि वर्मा, सहित कई महिलाओं ने एकल गीतगाकर प्रतिभाग किया। साथ ही लगभग 25से30लोग सीख रही है । कल सभी का फाइनल अभ्यास प्रदर्शन होगा।कार्यशाला ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनो प्रकार से हुई है ढोलक पर छवि प्रकाश व हारमोनियम पर आकाश तिवारी रहे।
