नई दिल्ली : बांग्लादेश अभी हिंसा की आग में झुलस रहा है. हिंदुओं पर जुल्म बढ़ चुका है. मोहम्मद यूनुस के राज में कट्टरपंथियों का बोलबाला है. अब चुनाव से ही बांग्लादेश की तकदीर बदल सकती है. बीएनपी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की 17 साल बाद वापसी हो चुकी है. वह बांग्लादेश को बदलने की हुंकार भर चुके हैं. इस बीच बांग्लादेश में एक मिस्ट्री गर्ल की भी एंट्री हो चुकी है. यह एंट्री खुद तारिक रहमान के साथ हुई है. भले ही दुनिया के लिए वह अनजान हो, मगर बांग्लादेश के लोग उस लड़की को जानते हैं. उसका नाम है जाइमा रहमान. जी हां, जाइमा रहमान बीएपी यानी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की चेयरपर्सन खालिदा जिया की पोती और तारिक रहमान की बेटी हैं. उनके फेसबुक पोस्ट से अब साफ होता जा रहा है कि वह बांग्लादेश की सियासत में दखल देने वाली हैं.
दरअसल, 17 साल लंदन में रहने के बाद जाइमा अपने पिता तारिक रहमान के साथ बीते दिनों बांग्लादेश लौटीं. सोशल मीडिया पर लोग उन्हें बांग्लादेश का फ्यूचर बता रहे हैं. लोग उन्हें भविष्य की शेख हसीना या खालिदा जिया के रूप में देख रहे हैं. इसमें कोई दोराय नहीं कि वह बीएनपी में युवा चेहरा बन सकती हैं और आगामी चुनाव में पार्टी को नई ताकत दे सकती हैं. जाइमान रमहान के रूप में बीएनपी को अगली पीढ़ी का नेता मिला चुका है. जिस पर बांग्लादेश की जेनजी को भी यकीन हो सकता है. जाइमा युवा पीढ़ी की लड़की हैं. वह विदेश में पढ़कर आई हैं. पेशे से वकील हैं. ऐसे में तारिक रहमान भी उन्हें अपने सक्सेसर के रूप में आगे बढ़ा सकते हैं.
क्यों जाइमा में बीएनपी को दिख रहा फ्यूचर
अब डिटेल में जानते हैं कि जाइमा रहमान कौन हैं? जाइमान रहमान बीएनपी नेता तारिक रहमान की इकलौती बेटी हैं और खालिदा जिया की पोती. उनके दादा जिआउर रहमान बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति थे. जाइमा लंदन में बैरिस्टर हैं, यानी वकील. वह राजनीति में नई हैं, न कभी चुनाव लड़ीं और न ही कोई पार्टी पद संभाला. लेकिन अब वह धीरे-धीरे राजनीति में कदम रख रही हैं. उनके कुछ बयान और फेसबुक पोस्ट से इसकी झलक मिल रही है. ऐसा लग रहा है कि वह अपने पापा के साथ बांग्लादेश सियासी मकसद से ही आई हैं. वैसे भी बांग्लादेश में अभी हालत खराब है. बीएनपी पर भी भ्रष्टाचार के दाग लगे हुए हैं. ऐसे में तारिक रहमान अपनी बेटी को बीएनपी का नया चेहरा बना सकते हैं. भले यह आगामी चुनाव में न हो, मगर फ्यूचर में यह जरूर होता दिख रहा है. जाइमा रहमान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की चेयरपर्सन खालिदा जिया की पोती हैं.
जाइमा का बचपन बांग्लादेश में बीता
मीडिया रिपोर्ट के मतुाबिक, जाइमा का बचपन बांग्लादेश में बीता है. 2001 के चुनाव में वह 6 साल की उम्र में अपनी दादी खालिदा जिया के साथ वोट डालने गई थीं. तब बीएनपी ने बड़ी जीत हासिल की थी. हाल ही में फेसबुक पर जाइमा ने अपनी दादी के बारे में लिखा. उन्होंने बताया कि 11 साल की उम्र में फुटबॉल टूर्नामेंट जीतने के बाद वह दादी के ऑफिस गईं और अपनी मेडल दिखाई. दादी ने गर्व से वह कहानी सबको सुनाई. जाइमा कहती हैं, ‘मैं अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलती.’
क्यों जाइमा दिख रहीं फ्यूचर की शेख हसीना और खालिदा जिया
बहरहाल, 2021 में जाइमा सुर्खियों में आईं, जब अवामी लीग के मंत्री मुराद हसन ने उनके खिलाफ गलत बातें कहीं. नतीजा हुआ कि मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ. मगर सियासत में उनकी सक्रियता पिछले साल से बढ़ी है. जुलाई 2024 की छात्र क्रांति के बाद जाइमा ने पिता की जगह कई कार्यक्रमों में जाना शुरू किया. वह वॉशिंगटन में नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट में गईं. 23 नवंबर 2025 को बीएनपी की मीटिंग में शामिल हुईं, जहां यूरोपीय प्रतिनिधि भी थे. इससे साफ नजर आ रहा है कि जाइमा के रूप में बीएनपी को अगली पीढ़ी का नेता मिल गया है. वैसे भी उनकी दादी बहुत बीमार हैं. खुद पिता तारिक रहमान की उम्र 60 साल से अधिक है. ऐसे में अब जाइमा अगर फ्यूचर में बीएनपी का मुख्य चेहरा बनती हैं तो कोई शक नहीं.
बीएनपी को मिला नया चेहरा?
बहरहाल, अपने पिता के साथ अब जाइमा बांग्लादेश लौट आई हैं. वह अब बांग्लादेश के लिए कुछ करना चाहती हैं. उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘मैं देश के लिए सबसे बड़ा रोल निभाना चाहती हूं. मैं लोगों से सीधे जुड़कर बांग्लादेश को दोबारा बनाना चाहती हूं. वह दादी और पिता का साथ देंगी. बता दें कि बीएनपी फरवरी 2026 के चुनाव की तैयारी कर रही है. तारिक रहमान पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, लेकिन वह नई इमेज बना रहे हैं. ऐसे में उनकी बेटी जाइमा पार्टी में युवाओं को आकर्षित कर सकती हैं. बांग्लादेश में चुनाव से पहले हिंसा और तनाव है. जाइमा ने अभी चुनाव लड़ने या पद लेने की घोषणा नहीं की, लेकिन उनकी बढ़ती सक्रियता से लगता है कि वह बड़ी भूमिका निभाएंगी.
