16 दिसंबर, 2025 लखनऊ उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को शब्दबद्ध करती बहुप्रतीक्षित पुस्तक “गतिमान उत्तर प्रदेश: योगी सरकार के बेमिसाल 8 वर्ष” का भव्य लोकार्पण समारोह राजधानी लखनऊ स्थित पीडब्ल्यूडी के विश्वेश्वरैया सभागार में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक एवं लौकिक मंगलाचरण तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंचासीन अतिथियों का स्वागत प्रभात प्रकाशन की पुस्तकों का संच एवं स्मृति चिह्न भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम के आरंभ में प्रभात प्रकाशन के निदेशक डॉ. पीयूष कुमार ने स्वागत वक्तव्य देते हुए कहा कि यह पुस्तक केवल आँकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों की जीवंत प्रस्तुति है। उन्होंने कहा कि प्रभात प्रकाशन सदैव जनोपयोगी, विचारोत्तेजक एवं समसामयिक पुस्तकों के प्रकाशन के लिए प्रतिबद्ध रहा है।

पुस्तक के लेखक डॉ. शीलवंत सिंह ने अपने लेखकीय वक्तव्य में कहा कि इस पुस्तक को लिखने का उद्देश्य योगी सरकार के नेतृत्व में बीते आठ वर्षों में प्रदेश में हुए व्यापक बदलावों को आम जनमानस तक सहज भाषा में पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, अवस्थापना विकास, एमएसएमई, पर्यटन, ओडीओपी, उद्यमिता एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में हुए नवाचारी प्रयासों ने प्रदेश को नई पहचान दी है। यह पुस्तक उत्तर प्रदेश की ” अंत्योदय से सर्वोदय” की यात्रा का सजीव दस्तावेज है।
पुस्तक समीक्षा प्रस्तुत करते हुए सुप्रसिद्ध लेखिका एवं सामाजिक-आर्थिक मामलों की विशेषज्ञ डॉ. कृति रस्तोगी ने कहा कि यह कृति तथ्यों, आँकड़ों और विश्लेषण के माध्यम से प्रदेश की विकास गाथा को प्रमाणिक रूप से प्रस्तुत करती है, जो शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं नीति-निर्माताओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
पुस्तक पर अपने विचार रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि योगी सरकार के आठ वर्षों में प्रशासनिक दृढ़ता, निर्णय क्षमता और पारदर्शिता ने उत्तर प्रदेश की कार्यसंस्कृति को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक उस प्रशासनिक परिवर्तन को समझने का सशक्त माध्यम
है।

विशिष्ट अतिथि महिला, बाल विकास, कल्याण एवं पोषण मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने अपने वक्तव्य में कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भयमुक्त, अपराधमुक्त एवं भ्रष्टाचारमुक्त राज्य की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ा है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों एवं कमजोर वर्गों के लिए संचालित योजनाओं— मिशन शक्ति, कन्या सुमंगला योजना, पोषण अभियान एवं बाल संरक्षण कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पुस्तक इन उपलब्धियों को व्यापक रूप में प्रस्तुत करती है।
पुस्तक का लोकार्पण शंख-ध्वनि के बीच श्री शिव प्रसाद संस्कृत महाविद्यालय, लखनऊ के 11 बटुकों द्वारा वैदिक वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने पूरे आयोजन को विशिष्ट सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना ने अपने उद्बोधन में कहा कि “गतिमान उत्तर प्रदेश” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि सुशासन, सुरक्षा और विकास की परिवर्तनकारी यात्रा का उत्सव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, निवेश, औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं। यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।
कार्यक्रम में श्री अमित सिंह, डॉ. वाचस्पति मिश्र, डॉ. बेबी रानी बाजपेयी सहित अनेक विद्वानों, लेखकों, शिक्षाविदों एवं मीडिया प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। मंच संचालन डॉ. अलका निवेदन द्वारा सधे हुए एवं प्रभावशाली ढंग से किया गया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. कुशलदेव ने सभी सम्मानित अतिथियों, वक्ताओं, लेखकों, विद्वतजनों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों, संस्थानों एवं संस्कृत महाविद्यालयों के प्रति विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इसके उपरांत सभी अतिथियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।
