शांति के लिए रूस-यूक्रेन से बात कर रहे थे ट्रंप, तभी जेलेंस्की ने पुतिन की पनडुब्बी की तबाह

विदेश

नई दिल्ली : एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह दावा कर रहे हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म होने के सबसे करीब पहुंच चुका है. वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन ने रूस को एक ऐसा सैन्य झटका दिया है, जिसने शांति वार्ता के माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रूस की एक अत्याधुनिक पनडुब्बी को समुद्र के नीचे ड्रोन हमले से तबाह कर दी है.

यूक्रेन ने कहा है कि यह पहली बार है जब किसी पनडुब्बी को ड्रोन के जरिए तबाह किया गया है. यूक्रेन की ओर से एक वीडियो जारी किया गया. इसमें उसने दावा किया कि रूस की अत्याधुनिक किलो क्लास पनडुब्बी को अंडरवाटर ड्रोन हमले में तबाह कर दिया गया.

रूस की पनडुब्बी को कितना नुकसान हुआ?
यह हमला रूस के नोवोरोसिस्क बंदरगाह में किया गया, जहां रूस की कई रणनीतिक पनडुब्बियां तैनात थीं. यूक्रेन की घरेलू सुरक्षा एजेंसी SBU (सिक्योरिटी सर्विस ऑफ यूक्रेन) ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि यह हमला सी बेबी नामक अंडरवॉटर ड्रोन से किया गया और पनडुब्बी को इतना नुकसान पहुंचा है कि वह अब पूरी तरह ऑपरेशन से बाहर हो

रूस की कौन सी पनडुब्बी बनी निशाना?
SBU के अनुसार, इस रूसी पनडुब्बी में चार Kalibr क्रूज मिसाइल लॉन्चर लगे हुए थे, जिनका इस्तेमाल रूस यूक्रेन के शहरों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों में कर रहा था. यूक्रेन का दावा है कि पनडुब्बी को क्रिटिकल डैमेज हुआ है और अब उसे दोबारा ऑपरेशनल बनाना बेहद मुश्किल होगा. रूस की ओर से इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

कैलिबर मिसाइल की खासियत क्या है?
कैलिबर मिसाइल रूस की सबसे खतरनाक क्रूज मिसाइलों में से एक है, जिसकी मारक क्षमता करीब 1,500 से 2,500 किलोमीटर तक मानी जाती है. इसे युद्धपोत, फ्रिगेट और खास तौर पर किलो क्लास पनडुब्बियों से दागा जा सकता है. यह मिसाइल बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हुए रडार से बच निकलती है. 5-10 मीटर की सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदती है. इसमें पारंपरिक के साथ-साथ न्यूक्लियर वारहेड लगाने की क्षमता भी मौजूद है और कुछ वेरिएंट अंतिम चरण में सुपरसोनिक रफ्तार पकड़ लेते हैं, जिस कारण इसे रोकना एयर डिफेंस सिस्टम के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है.

पनडुब्बी पर हमले को क्यों माना जा रहा टर्निंग पॉइंट?
यूक्रेनी नौसेना के प्रवक्ता दिमित्रो प्लेतेंचुक ने इस हमले को रूस-यूक्रेन समुद्री युद्ध का ‘टर्निंग पॉइंट’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि पनडुब्बी जैसे लक्ष्य को निशाना बनाना बेहद कठिन होता है और यह ऑपरेशन नेवल वॉर की पूरी तस्वीर बदल देता है. उनके मुताबिक, रूस को अगर इस पनडुब्बी को ठीक करना है तो उसे पानी के ऊपर लाना पड़ेगा, जिससे वह दोबारा हमले की जद में आ जाएगी.

रूस-यूक्रेन शांति पर क्या बोले पुतिन?
यह हमला ऐसे वक्त में सामने आया है जब अमेरिका, यूरोप और यूक्रेन के अधिकारी बर्लिन में रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के फॉर्मूले पर बातचीत कर रहे हैं. व्हाइट हाउस में बयान देते हुए ट्रंप ने कहा कि चार साल से चल रही इस जंग को खत्म करने के लिए अमेरिका को यूरोपीय देशों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. उन्होंने कहा कि जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, पोलैंड, नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड और नीदरलैंड जैसे देश भी युद्ध खत्म करने के पक्ष में हैं.

 

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