‘नवसृजन’ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था, लखनऊ के तत्त्वावधान में वरिष्ठ लेखिका, कवयित्री सुश्री मन्जू सक्सेना की कृतियों तेरे बिन मैं नहीं (उपन्यास), और मोगरा महक उठा (गजल संग्रह) एवं एक कप चाय (लघु कथा संग्रह) का लोकार्पण समारोह निराला सभागार, उ.प्र. हिन्दी संस्थान सम्पन्न हुआ।
इस कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वी. जी. गोस्वामी (पूर्व अधिष्ठाता विधि संकाय, ल.वि.वि. लखनऊ)
मुख्य अतिथि साहित्य भूषण महेश चन्द्र द्विवेदी (पूर्व पुलिस महानिदेशक उ.प्र.) वरेण्य अतिथि प्रो. (डॉ.) उषा सिन्हा एवं डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी रहे।
सुश्री रूपा पाण्डेय ‘सतरूपा’ की वाणी वन्दना एवं डॉ. योगेश के कुशल संचालन से आरम्भ इस समारोह में वरिष्ठ लेखिका, कवयित्री सुश्री मंजू सक्सेना की कृतियों ‘तेरे बिन मैं नहीं’ (उपन्यास), …और मोगरा महक उठा (गजल संग्रह) एवं एक कप चाय (लघुकथा संग्रह) का लोकार्पण मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया। डॉ. सुधा मिश्रा ने सुश्री मंजू सक्सेना के जीवन परिचय का वाचन किया। मुख्य वक्ता नरेन्द्र भूषण ने ” और मोगरा महक उठा” (गजल संग्रह), मुख्य वक्ता त्रिवेणी प्रसाद दुबे ‘मनीष’ ने “तेरे बिन मै नहीं” (उपन्यास) एवं सुश्री निवेदिता श्रीवास्तव ‘निवी’ ने “एक कप चाय” (लघुकथा संग्रह) पर अपने समीक्षात्मक उद्गार प्रस्तुत किए। सुश्री मंजू सक्सेना ने लोकार्पित कृति “… और मोगरा महक उठा” (गजल संग्रह) और “एक कप चाय” (लघु कथा संग्रह) से अपनी कुछ रचनाओं का वाचन किया। मंचस्थ अतिथियों ने सुश्री मंजू सक्सेना के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके दीर्घ जीवन की कामना की।
समारोह में उपस्थित सभी रचनाकरों को सारस्वत सम्मान से सम्मानित किया गया। अतिथियों का स्वागत गौरव सक्सेना ने व अन्त में इस कार्यक्रम के आयोजन के लिये गौतम सक्सेना ने ‘नवसृजन’ संस्था की ओर से सभी के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में पण्डित बेअदब लखनवी, अनिल किशोर शुक्ल निडर, राम प्रकाश शुक्ल प्रकाश, डॉ. सुधा मिश्रा, डॉ मनमोहन बाराकोटी, मुकेश कुमार मिश्र, आचार्य डॉ प्रेम शंकर शास्त्री ‘बेताब’, मनु वाजपेयी, विशाल मिश्र, विजय कुमारी मौर्य विजय, सविता श्रीवास्तव का सहयोग सराहनीय रहा।
डॉ अनिल कुमार सिंह जैसवार
मीडिया प्रभारी
‘नवसृजन’ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था, लखनऊ
