बंगाल में SIR पर ममता को मोदी सरकार को चेतावनी, कहा-13 लाख नामों पर लटकी तलवार

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नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) सियासी पारा लगातार बढ़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर उन्हें और बंगाल को ‘टारगेट’ किया जा रहा है. नदिया जिले के कृष्णनगर में रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, ‘अगर मुझे पर हमला करने की कोशिश की गई, तो पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी.’

ममता बनर्जी ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राज्य में अब तक 35-36 लोगों की मौतें हो चुकी हैं, जिनमें कई आत्महत्याएं भी शामिल हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी हाल में एसआईआर के डर से अपनी जान न दें और आश्वस्त किया कि कोई भी असली मतदाता लिस्ट से नहीं हटेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग एसआईआर को सिर्फ दो महीनों में खत्म कराना चाहता है, जबकि 2002 में यह प्रक्रिया तीन साल चली थी. ममता ने आयोग को ‘बीजेपी कमिशन’ बताते हुए कहा कि वह ‘दिल्ली से मिले निर्देशों’ पर काम कर रहा है.

मतुआ वोटर्स को CAA से किया सावधान
ममता ने मतुआ बहुल इलाकों में रैली के दौरान बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया कि उससे जुड़े संगठन नागरिकता के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट बांट रहे हैं, जिनमें लोगों को परोक्ष रूप से बांग्लादेशी बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि CAA के तहत अगर कोई खुद को बांग्लादेशी बताकर आवेदन करता है, तो उसे तुरंत वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा और यह एक बड़ा धोखा है. उनका आरोप है कि एसआईआर का असली उद्देश्य मतुआ और बंगालीभाषी मतदाताओं को डराना है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि 2024 में जिन लोगों ने वोट डाला वही ‘अवैध’ हैं, तो फिर केंद्र सरकार की वैधता कैसे तय होती है.

बीजेपी का ममता पर पलटवार
बीजेपी ने ममता के इन आरोपों पर कड़ा पलटवार किया और कहा कि एसआईआर के जरिए घुसपैठियों और फर्जी वोटरों को हटाया जा रहा है, इसी वजह से ममता परेशान हैं. पार्टी नेताओं का कहना है कि ममता सरकार घुसपैठियों के सहारे चलती है और वह वास्तविकता छिपाने के लिए भटकाने वाले बयान दे रही हैं. बीजेपी ने यह भी कहा कि बंगाल जीतने की चिंता में बीजेपी के गुजरात हारने संबंधी ममता का बयान केवल राजनीतिक हताशा है.

चुनाव आयोग को मिले 13.92 लाख फॉर्म अनकेक्टेबल
इधर चुनाव आयोग ने खुलासा किया है कि एसआईआर के दौरान अब तक 13.92 लाख ऐसे फॉर्म मिले हैं, जिन्हें ‘अनकलेक्टेबल’ माना गया है. इनमें वे मतदाता शामिल हैं जो या तो मृत हैं, दो जगह नाम दर्ज है, राज्य से स्थायी रूप से बाहर जा चुके हैं या लंबे समय से अपने घर पर नहीं मिल रहे. सोमवार तक यह संख्या 10.33 लाख थी, यानी आंकड़ा तेज़ी से बढ़ रहा है.

एसआईआर के लिए 80,600 से अधिक BLO तैनात
एसआईआर के लिए राज्य में 80,600 से अधिक BLO, 8,000 सुपरवाइजर, 3,000 AERO और 294 ERO तैनात हैं. इस दौरान तीन BLO की मौत भी हो चुकी है, जिन्हें लेकर टीएमसी ने आयोग पर गंभीर लापरवाही और धमकी के आरोप लगाए हैं. ममता ने एक अधिकारी पर BLOs को जेल और नौकरी जाने की धमकी देने का आरोप लगाया और कहा कि यह अधिकारी पांच महीने में रिटायर होने वाला है.

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