लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिए खुशखबरी दी है. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित ‘कन्या विवाह सहायता योजना’ में आर्थिक मदद की राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है. अब बेटियों की शादी के लिए सामान्य विवाह पर 65,000, अन्तर्जातीय विवाह पर 75,000 और सामूहिक विवाह पर 85,000 प्रति जोड़े की सहायता दी जाएगी. इसके अलावा हर विवाह के आयोजन के लिए अलग से 15,000 की राशि उपलब्ध कराई जाएगी
यह योजना राज्य के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह को आर्थिक बोझ से मुक्त करने के लिए शुरू की गई थी. नई घोषणा के बाद अब कुल सहायता राशि सामान्य विवाह में 80,000, अन्तर्जातीय में 90,000 और सामूहिक विवाह में 1,00,000 तक पहुंच गई है. श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया, “मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर हमने महंगाई और सामाजिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह बढ़ोतरी की है. इसका सीधा लाभ प्रदेश के करीब 1.88 क्रोई पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को मिलेगा.”
ऐसे कराएं पंजीकरण
योजना के तहत लाभ लेने के लिए श्रमिक को बोर्ड में कम से कम एक साल से पंजीकृत होना चाहिए और उसकी वार्षिक आय ₹1.80 लाख से कम होनी चाहिए. आवेदन ऑनलाइन पोर्टल upbocw.in पर किया जा सकता है, जिसमें आधार कार्ड, श्रमिक कार्ड और विवाह का प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा. पंजीकरण शुल्क 20 रुपए के अलावा 20 रुपए के वार्षिक अंशदान कर इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है.
अन्य योजनाओं में भी लाभ
कन्या विवाह योजना के अलावा बोर्ड दुर्घटना मृत्यु पर 5 लाख, चिकित्सा सहायता पर 2 लाख और शिक्षा सहायता पर 25,000 तक की मदद देता है. पिछले पांच सालों में बोर्ड ने 2 लाख से अधिक श्रमिक परिवारों को विवाह सहायता दी है. इस बार की बढ़ोतरी से अगले वित्तीय वर्ष में 50,000 से अधिक लाभार्थियों की उम्मीद है.
