मेक्सिको : नशे में शख्स ने की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबॉम के साथ छेड़छाड़, बीच सड़क की चूमने की कोशिश

विदेश

नई दिल्ली : मेक्सिको में इन दिनों महिलाओं की सुरक्षा का मामला सुर्खियों में है. क्योंकि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें नज़र आ रहा है कि राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबॉम के साथ एक शख्स छेड़छाड़ करता और उन्हें चूमने की कोशिश करता है. यह घटना तब हुई जब वह राजधानी में बैठकों के बीच पैदल जा रही थीं. मामले में राष्ट्रपति क्लाउडिया ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने कहा, ‘अगर यह देश की राष्ट्रपति के साथ हो सकता है, तो फिर आम युवतियों की सुरक्षा कहां है? किसी पुरुष को महिलाओं की निजी सीमा लांघने का अधिकार नहीं है.’

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कई अकाउंट्स से वीडियो हटा को हटा दिया गया है. इस घटना के बाद एक बार फिर सेमेक्सिको में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ऐसे देश में जहां लैंगिक हिंसा और माचो संस्कृति गहराई से मौजूद है. क्लाउडिया मेक्सिको की पहली महिला राष्ट्रपति हैं. उन्होंने इस घटना के बाद कहा कि वह अपने सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं करेंगी. उन्होंने कहा, ‘मैं जनता के बीच में रहना चाहती हूं. इसलिए व्यवस्थाओं में कोई तब्दीली नहीं की जाएगी.’

यह घटना मंगलवार को मेक्सिको सिटी के ऐतिहासिक इलाके में हुई, जब राष्ट्रपति शेनबॉम राष्ट्रीय महल से शिक्षा मंत्रालय की ओर पैदल जा रही थीं. वीडियो में दिखा कि एक मध्यम उम्र का व्यक्ति उनके करीब आता है, उन्हें छूता है और चूमने की कोशिश करता है. शेनबॉम ने तुरंत उसका हाथ हटाया और उनका स्टाफ बीच में आ गया. उस वक्त सुरक्षा टीम उनके पास नहीं थी. बाद में उन्होंने बताया कि वह व्यक्ति नशे में था.

‘री-विक्टिमाइजेशन’ पर नाराज़गी
राष्ट्रपति क्लाउडिया री-विक्टिमाइजेशन का मुद्दे को उठाकर मेक्सिकन अखबार रिफोर्मा की कड़ी आलोचना की. क्लाउडिया ने कहा कि अख़बार ने तस्वीर छाप कर ‘री-विक्टिमाइजेशन’ किया, जो कि मीडिया की नैतिक सीमा को पार करता है.

राष्ट्रपति क्लाउडिया ने कहा, ‘किसी भी अख़बार द्वारा ऐसी तस्वीरें प्रकाशित करना भी अपराध है. मैं अख़बार से माफ़ी की उम्मीद कर रही हूं.’ इस घटना के बाद महिला मंत्रालय ने बयान जारी कर महिलाओं से हिंसा के मामलों की शिकायत करने की अपील की, लेकिन मीडिया से यह भी कहा कि ऐसी सामग्री साझा न करें जो महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाए.

हालांकि, कई नारीवादी संगठनों ने शेनबॉम पर पहले भी आरोप लगाए हैं कि उन्होंने महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में 821 महिलाओं की हत्या के मामले दर्ज हुए, जबकि इस साल सितंबर तक 501 मामले रिपोर्ट हुए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि असल आंकड़े इससे कहीं अधिक हैं.

महिलाओं के खिलाफ अपराध पर कड़ा कानून जरूरी
राष्ट्रीय स्तर पर इस घटना ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है. आना येली पेरेज़, जो महिला हत्याओं पर निगरानी रखने वाले संगठन की सदस्य हैं, ने कहा, ‘यह घटना बेहद निंदनीय है. इसे नाम देना और उजागर करना जरूरी है, क्योंकि यह वही हिंसा है जो महिलाएं रोज झेलती हैं.’

शेनबॉम ने कहा कि यौन उत्पीड़न को कानून के तहत सख्त अपराध माना जाना चाहिए. उन्होंने महिला मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह सभी राज्यों के कानूनी प्रावधानों की समीक्षा करे.

वर्तमान में, मेक्सिको के लगभग आधे राज्यों और राजधानी मेक्सिको सिटी में ही यौन उत्पीड़न को अपराध की श्रेणी में रखा गया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के आरोपी व्यक्ति की पहचान उरिएल रिवेरा के रूप में हुई है, जिसे मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *