वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत में अगले राजदूत के तौर पर जिनका नाम प्रस्तावित किया है, वे सर्जियो गोर हैं. गोर ने सीनेट में अपने कन्फर्मेशन हियरिंग के दौरान साफ कहा कि ट्रंप प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता भारत को रूसी तेल खरीदना बंद करवाना है. उन्होंने साथ ही भरोसा जताया कि भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ डील पर बातचीत अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे लेकर सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं.
उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कह दिया है कि भारत को रूसी तेल खरीदना बंद करना होगा. BRICS समूह में कई मुद्दों पर भारत हमेशा हमारे साथ रहा है. BRICS के कई देश लंबे समय से अमेरिकी डॉलर से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारत ने इस पर रोक लगाने का काम किया है. भारत हमारे साथ बात करने और जुड़ने के लिए उन बाकी BRICS देशों से ज्यादा तैयार और इच्छुक है.’
गोर ने आगे कहा, ‘असल में दोनों पक्ष इसके बारीक पहलुओं पर बातचीत कर रहे हैं. हमें भारत से अक्सर दूसरे देशों की तुलना में ज्यादा उम्मीदें रहती हैं. मुझे लगता है कि आने वाले हफ्तों में यह मुद्दा सुलझ जाएगा.’ सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका का रणनीतिक साझेदार बताया और कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मजबूत नेतृत्व में वे भारत के साथ रिश्तों को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा, ‘भारत की भौगोलिक स्थिति, उसकी आर्थिक वृद्धि और सैन्य क्षमता उसे क्षेत्रीय स्थिरता का आधार बनाती है. भारत वैश्विक समृद्धि और साझा सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है.’
ट्रंप–मोदी की दोस्ती पर दिया जोर
अगर सीनेट सर्जियो गोर को भारत का राजदूत नियुक्त करने की मंजूरी दे देता है तो वह सबसे युवा अमेरिकी राजदूत होंगे. गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के रिश्तों को ‘अद्भुत’ बताया. उन्होंने कहा कि भले ही दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर तनाव है, लेकिन दोनों नेताओं के बीच आपसी भरोसा और दोस्ती मजबूत है. गोर ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप अक्सर दूसरे देशों के नेताओं की आलोचना करते हैं, लेकिन जब बात भारत की होती है, तो उन्होंने हमेशा पीएम मोदी की तारीफ की है. दोनों के बीच अविश्वसनीय रिश्ता है.’
