श्रावस्ती : यूपी के श्रावस्ती जिले में एक टैक्टर एक परिवार के लिए ऐसा काला साया बनकर आया, जिसने उनकी पूरी दुनिया छीन ली. बहराइच से एक ही बाइक पर बैठकर चले छह लोगों का यह सफर घर तक पहुंचने से पहले ही मौत की मंजिल पर खत्म हो गया. इस परिवार का रास्ते में सामने से आ रहे ट्रैक्टर-मिक्सर से ऐसा सामना हुआ कि पलक झपकते ही खुशियों की जगह मातम ने ले ली. इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया.
खुशियों से मातम तक का सफर
पड़ोसी जनपद बहराइच के रिसिया थाना क्षेत्र के मंगलपुरवा गांव निवासी 30 वर्षीय विजय कुमार वर्मा अपनी बाइक पर पत्नी सुनीता देवी, बहन, भाभी, 9 साल की भांजी और 1 साल के मासूम बेटे के साथ निकले थे. परिवार में हंसी-ठिठोली का माहौल था, रास्ते में बच्चों की खिलखिलाहट थी, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही देर में यह हंसी हमेशा के लिए थम जाएगी. जब बाइक श्रावस्ती जिले के हरदत्त नगर गिरन्ट थाना क्षेत्र के रहमतु गांव मोड़ के पास पहुंची, तभी सामने से आ रहा ट्रैक्टर-मिक्सर मौत बनकर सामने आ गया. जोरदार टक्कर में बाइक के परखच्चे उड़ गए और सवार लोग सड़क पर बिखर गए.
पलभर में सब कुछ खत्म
टक्कर इतनी भीषण थी कि विजय वर्मा, 40 वर्षीय मंगलवती, 30 वर्षीय नीतू और 9 वर्षीय ज्ञानवती ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. गंभीर रूप से घायल सुनीता देवी और मासूम बेटे को जिला अस्पताल भिनगा ले जाया गया, लेकिन वहां भी किस्मत ने साथ नहीं दिया और 1 साल के मासूम ने दम तोड़ दिया. अब अस्पताल के एक कोने में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है सुनीता देवी. जिसने अपने पति, बेटे और रिश्तेदारों को एक साथ खो दिया. डॉक्टर उनकी हालत को नाजुक बता रहे हैं.
मृतकों की पहचान
– विजय वर्मा (30 वर्ष), पुत्र भगोले, निवासी मंगलपुरवा, बहराइच
– मंगलवती (40 वर्ष), पत्नी लक्ष्मण
– नीतू (30 वर्ष), पत्नी पवन वर्मा
– ज्ञानवती (9 वर्ष), पुत्री पवन वर्मा
– 1 वर्षीय पुत्र विजय वर्मा
अधिकारियों का दौरा, लेकिन लौटे खाली हाथ
हादसे की खबर मिलते ही जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया, लेकिन जिनके घर के चिराग बुझ गए, उन्हें लौटाकर लाना अब किसी के बस में नहीं था. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
अस्पताल में मातम और टूटते रिश्ते
जिला अस्पताल में ऐसा मंजर था कि हर किसी की आंखें नम हो गईं. चीख-पुकार, रोने की आवाजें, और परिजनों की बेबसी वहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल को चीर रही थी. पांच अर्थियों की एक साथ उठने की खबर ने पूरे गांव को सन्न कर दिया.
अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र उत्तम ने बताया कि बाइक पर छह लोग सवार थे, जिनमें चार वयस्क और दो बच्चे शामिल थे. उन्होंने लोगों से अपील की कि यात्रा के दौरान ओवरलोडिंग न करें और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें.