अगर आप हेल्दी लाइफ जीना चाहते हैं तो जरूरी है कि आपका खानपान भी सही हो। सेहतमंद रहने के लिए शरीर में पोषक तत्वों का सही संतुलन होना बेहद जरूरी होता है। अगर एक भी चीज की कमी हुई तो आपको कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
इन्हीं में से एक आयोडीन होता है। ये माइक्रो न्यूट्रिएंट्स है, आपके शरीर को भले ही इसकी कम जरूरत होती है लेकिन ये हमारी बॉडी में अहम भूमिका निभाता है। थायरॉइड ग्लैंड भी तभी सही तरीके से काम कर पाता है जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में आयोडीन मिले। आज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे कि ये हमारे शरीर के लिए क्यों जरूरी है, आयोडीन की कमी होने पर क्या लक्षण नजर आते हैं, आइए जानते हैं विस्तार से-
क्यों जरूरी है आयोडीन?
आयोडीन एक जरूरी खनिज है। ये थायरॉइड हार्मोन के निर्माण में मदद करता है। यह हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म, एनर्जी प्रोडक्शन, ग्रोथ और ब्रेन हेल्थ के लिए जरूरी है।
आयोडीन की कमी के लक्षण
गले में सूजन आ जाती है, जो कि थायरॉइड ग्लैंड के बढ़ जाने से होता है।
आयोडीन की कमी से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे शरीर जल्दी थकने लगता है।
मेटाबॉलिज्म कम होने से शरीर में फैट जमा होने लगता है। इससे मोटापा कम करना भी मुश्किल हो जाता है।
आयोडीन की कमी होने पर आपको गर्मी के दिनों में भी ठंड का एहसास होगा। क्योंकि इस दौरान हमारा शरीर गर्मी पैदा करने में असमर्थ हो जाता है।
महिलाओं में पीरियड्स में गड़बड़ी होने लगती है।
इसके अलावा फोकस करने में दिक्कत होती है।
याददाश्त कमजोर होना।
गर्भवती महिलाओं में भ्रूण के विकास में रुकावट और बच्चे में मानसिक विकास की समस्या।
आयोडीन की जरूरत किसे ज्यादा होती है?
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं।
बच्चे और किशोर।
थायरॉइड से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे लोग।
आयोडीन की पूर्ति कैसे करें?
आयोडाइज्ड नमक- यह सबसे सरल और आम स्रोत है। खाने में रोज इस्तेमाल होने वाला नमक अगर आयोडीन युक्त हो, तो कमी की आशंका काफी हद तक खत्म हो जाती है।
सी फूड- मछली, झींगा, सीवीड में आयोडीन की अच्छी मात्रा पाई जाती है।
दूध से बनी चीजें- दूध, दही और पनीर में भी आयोडीन की अच्छी मात्रा होती है।
अंडे की जर्दी और कुछ साबुत अनाजों में भी आयोडीन पाया जाता है।