हाथरस हादसा : अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, कहा-छोटी-मोटी गिरफ्तारियां कर सैकड़ों लोगों की मौत से पल्ला झाड़ रही योगी सरकार

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

हाथरस भगदड़ मामले की जांच में पुलिस बाबा नारायण साकार हरि के लिए काम करने वाले लोगों को अरेस्ट कर रही है. इसी में एक गिरफ्तारी मैनपुरी से भी की गई. यहां पुलिस ने रामलड़ैते यादव को गिरफ्तार किया था. बाद में उनके बेटे अंकित यादव ने इसकी जानकारी एक चिट्ठी में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को दी थी. उन्होंने दावा किया कि यूपी प्रशासन ऐसी गिरफ्तारी करके अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश कर रही है.

अखिलेश यादव ने कहा, “उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन ‘हाथरस हादसे’ में अपनी नाकामी छुपाने के लिए, छोटी-मोटी गिरफ़्तारियां दिखाकर सैकड़ों लोगों की मौत से अपनी जिम्मेदारी का पल्ला झाड़ना चाहता है. अगर ऐसा हुआ तो इसका मतलब ये निकलेगा कि इस तरह के आयोजन में हुई शासनिक-प्रशासनिक विफलता से किसी ने कोई सबक नहीं लिया और ऐसी दुर्घटनाएं भविष्य में भी दोहरायी जाती रहेंगी.

हाथरस हादसे में गिरफ्तारी ‘खुद एक षड्यंत्र’
अखिलाश यादव ने कहा, “शासन-प्रशासन किसी खास मंशा से व्यर्थ में ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर रहा है, जो मूल आयोजन स्थल से दूर थे और गिरफ्तारी के बाद उनको ही दोषी ठहराये जाने की तैयारी कर रहा है. ये गिरफ़्तारियां स्वयं में एक षड्यंत्र हैं. इन गिरफ़्तारियों की तुरंत न्यायिक जांच हो, जिससे उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार का खेल जनता के सामने लाया जा सके.”

अखिलेश यादव ने एक एक्स पोस्ट में कहा, “अगर बीजेपी सरकार ये कहती है कि ऐसे आयोजन से उसका कोई लेना-देना नहीं था, तो फिर बीजेपी सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं. इस कार्यक्रम में आये अधिकांश गरीब लोग दुखी, शोषित, पीड़ित, वंचित, दलित थे, इस आधार पर इसका मतलब तो ये भी निकलता है कि ऐसे लोगों से बीजेपी सरकार का कोई सरोकार नहीं है, जबकि सबसे पहले सरकार का ध्यान ऐसे लोगों की तरफ ही जाना चाहिए.”

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