हीरामंडी जैसी शानदार वेबसीरीज बना कर संजय लीला भंसाली ने एक बार फिर खुद को साबित किया है। अपने अनोखे क्राफ्ट के लिए मशहूर डायरेक्टर ने हीरामंडी को बनाने के लिए कई सालों की मेहनत लगा दी। इस सीरीज में उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को भी किरदारों के नाम दे कर स्क्रीन पर दिखाया है। हाल में संजय ने बताया कि हीरामंडी में ताजदार का किरदार अपने पिता अशफाक बलोच साहब के करीब नहीं थे। दोनों के रिश्तों में तनाव दिख रहाहै। ऐसा ही रिश्ता वो अपने पिता के साथ शेयर करते थे।
पिंकविला से बातचीत में डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने बताया कि वेब सीरीज हीरामंडी में अशफाक बलोच का किरदार अपने बेटे ताजदार के तनावपूर्ण संबंध उनकी अपनी ज़िंदगी से इंस्पायर्ड है। डायरेक्टर ने ये भी कहा कि कई डायरेक्टर्स फिल्मों में वो सब दिखाते हैं जिससे वो खुद गुजरे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आप वह जीवन चुनते हैं जहां आप जन्म लेना चाहते हैं क्योंकि आपको कुछ बनने के लिए इससे गुजरना पड़ता है, इसलिए मैंने वह जीवन चुना है जहां मैं जन्म लेना चाहता था और फिर वह सब कुछ करूंगा जो मुझे अपने साथ करना था माता-पिता को आखिरकार यह एहसास हुआ कि मैं किसी न किसी तरह से अपने काम में इसका उपयोग कर रहा हूं।
संजय लीला भंसाली कहते कि वो भगवान के शुक्रगुजार है कि वो एक फिल्ममेकर हैं और स्क्रीन पर सभी तरह के इमोशन दिखा सकते हैं। उनके मुताबिक पिता और बेटे का रिश्ता अक्सर तनावपूर्ण ही होता है। कुछ दोस्ती वाला भी होता है। लेकिन इनके विचारों में हमेशा मतभेद होता है और यही किरदार का निर्माण करता है।
बता दें, संजय लीला भंसाली और उनके पिता का भी रिश्ता तनावपूर्ण रहा है। उनके पिता शराब पीते थे जिसकी वजह से उन्हें लीवर संबंधित बीमारी हुई और उनका निधन हो गया। पिता के निधन के बाद उन्होंने अपनी माँ का नाम अपसे से जोड़ लिया।