बांसवाड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांसवाड़ा में कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टीकरण पर सोच समझकर तीखा हमला किया है। मोदी ने आदिवासी क्षेत्र में इस हमले के जरिये प्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस पर और अप्रत्यक्ष रूप से क्षेत्र की सबसे मजबूत पार्टी बाप पर भी निशाना साधा है।मोदी के हमले को इस तरह से समझने की जरूरत है। विधानसभा चुनावों में बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र में पांच सीटें कांग्रेस, एक सीट बाप ने जीती थीं। दो सीट पर बीजेपी को जीत मिली थी। वोटों की गणित के हिसाब से आठ सीटों पर कांग्रेस को बीजेपी से 66000 वोट ज्यादा मिले थे। इन आठ सीटों में से तीन से चार सीटों पर बाप दूसरे नंबर पर रही थीं। दो सीट पर बीजेपी और दो पर कांग्रेस को तीसरे नंबर पर धकेल दिया था।
लोकसभा चुनावों में कुछ गणित बदली है। इस क्षेत्र के सबसे कद्दावर नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीया बीजेपी में शामिल हो गए हैं और वे बीजेपी के प्रत्याशी भी हैं। विधानसभा में मालवीया 56 हजार से अधिक वोटों से जीते थे।
इस चुनाव में यहां कांग्रेस और बाप के बीच समझौते की बात चल रही थी, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी ने नामांकन उठाने से इनकार कर दिया।
कांग्रेस ने प्रत्याशी को पार्टी से बाहर कर दिया। इस बीच बांसवाड़ा व डूंगरपुर की आठ सीटों पर आदिवासी और मुस्लिमों के बीच अंडरस्टेंडिंग बनी हुई है। इसी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनमोहन सिंह सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस आप लोगों की संपत्ति उन लोगों को देना चाहती है जिनके ज्यादा बच्चे हैं या जो घुसपैठिये हैं।मोदी के इस हमले के जवाब में कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर मनमोहन सिंह सरकार का भाषण अपलोड किया है, जिसमें वे देश के एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और ओबीसी का जिक्र कर रहे हैं। कांग्रेस ने लिखा है कि इसमें कहीं भी मुसलमान शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। बीजेपी घबरा रही है इसलिए प्रोपेगंडा करने में लगी है।