उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित गांधी सभागार मे डॉ अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच का 11वाॅ स्थापना दिवस समारोह संपन्न हुआ । समारोह का प्रारंभ तथागत बुद्ध एवं बोधिसत्व बाबा साहब डॉ0 अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित एवं दीप जलाकर किया गया । समारोह की शुरुआत बुद्ध वंदना एवं त्रि-शरण एवं पंचशील से हुई । संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. भवन नाथ पासवान ने समारोह का उद्घाटन किया ।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भवन नाथ पासवान जी ने कहा कि 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा द्वारा संविधान को अंगीकृत किए जाने के बाद बाबा साहब डॉ0 अम्बेडकर अस्वस्थ हो गए थे उनका सपना था कि 10 साल बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा एवं बेहतरीन लोकतंत्र हो जाएगा, लेकिन शीघ्र ही उन्हें निराशा हुई और 18 मार्च, 1956 को आगरा के लाल किला मैदान में कहा कि देश के पढ़े लिखे लोगों ने मुझे धोखा दिया । डॉ0 अम्बेडकर के सपनों का भारत बनाने के लिए ही 12 दिसंबर, 2012 को डॉ अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच की स्थापना की गयी डॉ0 अम्बेडकर के सपनों का भारत में सभी के लिए समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय की व्यवस्था है ।

समारोह का संचालन मंच/संगठन के राष्ट्रीय महासचिव इं0 एस0पी0 सिंह ने किया। सिंह ने कहा कि 25 से ज्यादा प्रांतों में मंच की इकाइयां स्थापित हो चुकी है। मंच को ब्लॉक तहसील गांव विधानसभा स्तर तक संगठन के पदाधिकारियों को मेहनत के साथ लगकर संगठन की सदस्यता को बढ़ाना। कार्यक्रम में दक्षिण भारत के प्रभारी कर्णम किशन, आशाराम सरोज उ. प्रदेश अध्यक्ष, राम सजीवन प्रदेश उपाध्यक्ष इंजी होरीलाल प्रदेश सचिव शैलेश धानुक प्रदेश संगठन विवेक कुमार कोरी,भास्कर पासवान (संयोजक: डॉ अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच अधिवक्ता मोर्चा) अनिल कुमार, श्रीमती कल्पना धानुक उत्तर विधानसभा अध्यक्ष लखनऊ, अयोध्या प्रसाद रावत प्रदेश सचिव , वीरेंद्र हांडा, सनोज कुमार पासवान सिद्धार्थनगर सचिव राष्ट्रीय कार्यालय सचिव उदय भईया जी आदि।
