चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय इतिहास एवं नागरिक शास्त्र महोत्सव ‘रिफलेक्शन-२०२३१

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय इतिहास एवं नागरिक शास्त्र महोत्सव ‘रिफलेक्शन-२०२३१

इतिहास से सबक लेना ही वर्तमान युग की माँग है

‘रिफ्लेक्सन-२०२३ में पधारे देश-विदेश के प्रतिभागी छात्रों की राय लखनऊ, ५ अगस्त : सिटी मोन्टेसरी स्कूल, महानगर कैम्पस द्वारा आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय इतिहास एवं नागरिक शास्त्र महोत्सव ‘रिफलेक्शन- २०२३’ में प्रतिभाग हेतु श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान एवं देश के विभिन्न प्रान्तों से पधारे छात्रों ने आज यहाँ सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कान्फ्रेन्स में एक स्वर से कहा कि इतिहास से सबक लेना ही वर्तमान युग की माँग है। इतिहास जहाँ हमें पूर्व का ज्ञान कराता है तो नागरिक शाष्त्र भविष्य का ज्ञान कराकर वर्तमान का निर्माण करता है। यदि विश्व समुदाय पिछली गलतियों से सबक ले सके तो आतंकवाद, गरीबी, भुखमरी जैसी अनेक समस्याओं से मुक्ति मिल जायेगी। विदित हो कि ‘रिफलेक्शन- २०२३१ का आयोजन ५ से ८ अगस्त तक सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में किया जा रहा है जिसमें देश-विदेश के लगभग ५०० छात्र प्रतिभाग कर रहे हैं।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए रिचमण्ड कालेज, श्रीलंका से पधारे छात्रों ने कहा कि हमें यहाँ विभिन्न देशों के छात्रों से मेलजोल का अवसर प्राप्त होगा। हम प्रतियोगिताओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करेंगे और अपने ज्ञान का प्रदर्शन करेंगे। सेंट ग्रेगरी हाई स्कूल, ढाका, बांग्लादेश से पधारे छात्रों ने कहा कि इस अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव में हम स्वस्थ प्रतिस्पर्धा तो करेंगे ही, साथ ही एकता, शान्ति व सौहार्द का संदेश भी सारे विश्व में प्रवाहित करेंगे। द्रुक स्कूल, थिम्पू, भूटान से पधारे छात्रों का कहना था कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य है, जिसने समस्त विश्व को हर विपदा व चुनौती के समय में मार्गदर्शन व प्रेरणा दी है। आदर्श विद्या निकेतन सेकेण्डरी स्कूल, नेपाल के छात्रों में भी इस अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव में प्रतिभाग करने का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इसी प्रकार देश-विदेश से पधारे अन्य प्रतिभागी छात्रों ने विश्व बिरादरी से अपील की कि देशों के बीच एकता स्थापित करने हेतु ठोस कदम उठाएं। एवं मानवता की भलाई का संकल्प लें।

इस अवसर पर सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि आज के युग की माँग है कि हम पिछली लड़ाइयों और खूनी संघर्षों से सबक लें व मतभेदों को युद्ध के द्वारा नहीं बल्कि शान्तिपूर्ण ढंग से सुलझाने की कोशिश करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भावी पीढ़ी को विश्व एकता की शिक्षा देने में यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा ।

रिफलेक्शन- २०२३ की संयोजिका एवं सी.एम.एस. महानगर कैम्पस की प्रधानाचार्या डा. कल्पना त्रिपाठी ने कहा कि रिफलेक्शन- २०२३ की प्रतियोगिताए स्वयं में इतना आकर्षण समेटे हैं कि देश-विदेश के छात्र इसमें प्रतिभाग हेतु उत्साहित होंगे और उनमें इतिहास व नागरिक शास्त्र जैसे विषयों की ओर रुचि बढ़ेगी। इन प्रतियोगिताओं में लीडरशिप लीगेसी, पोस्टर मेकिंग, यूरेका (क्विज), पेन टु पॉवर, स्कल्पिटिंग आइडियाज (माडल डिस्प्ले ), एनविजन (वाद-विवाद), आस्ट्रा ग्रेस (कोरियोग्राफी), इंडीवर (प्रोजेक्ट ऑन कम्युनिटी सर्विस) एवं लीगल विजन आदि प्रमुख हैं। विभिन्न क्षेत्रों के ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ इन प्रतियोगिताओं में निर्णायकों की भूमिका निभायेंगे।

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