समाजसेवा ही सबसे बडा पुण्य कर्मः राजनाथ सिह

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

लखनऊ। देश के रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह गुरूवार को हरिश्चन्द्र वंशीय समाज रस्तोगी समिति लखनऊ की ओर से सत्यवादी महाराजा हरिश्चंद्र की जयंती के अवसर पर चौक स्थित साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भव्य समाराह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि समाजसेवा ही सबसे बड़ा पुण्य कर्म है। इसी उददेश्य से हरिश्चन्द्र वंशीय समाज रस्तोगी समिति कार्य कर रही है। आज समाजसेविओं के बीच आकर गौरन्वित महसूस कर रहा हूँ। उन्होने कहा कि समिति द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों मे को जा रही सेवाएं जन मानस के लिए अनुकणीय है। समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रदेश के उ मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अपने सम्बोधन में समिति के कायो की सराहना की।
“इस मौके पर समिति के समन्वयक हरिजीवन रस्तोगी ने बताया कि इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित समाज के लोगों के समक्ष विविध प्रतियोगिताएं सम्मान समारोह के साथ ही प्रेरक / नाटक में सत्यवादी महाराजा हरिश्चंद्र के जीवन चरित्र पर आधारित प्रेरक नाटक मंचित किया गया।
इस अवसर पर संदेश दिया गया कि हमें महाराजा हरिश्चन्द्र से प्रेरणा लेनी चाहिए। राजा हरिश्चंद्र अयोध्या के प्रसिद्ध सूर्यवंशी इक्ष्वाकुवंशी, अर्कवंशी, रघुवंशी राजा थे अपनी सत्यनिष्ठा के लिए उन्हें अनेक कष्ट सहने पड़े थे फिर भी वह सत्य के पथ से कभी नहीं डिगे। मंच पर आमंत्रित अतिथियों में ऋचा रस्तोगी आईआरएस. विधायक डॉ.नीरज बोरा, विधायक आशुतोष टंडन गोपाल, भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, लखनऊ रस्तोगी समाज के अध्यक्ष राजन रस्तोगी सहित दीपक रस्तोगी, गिरीश रस्तोगी, संजीव रस्तोगी, विनोद रस्तोगी, रस्तोगी शामिल रहे। इस अवसर पर मंच की व्यवस्था का दायित्व रस्तोगी समाज के विनीत, संजीव, प्रमेश… बृजेश, ब्रजेन्द्र, विमर्श, विभा, सीमा, रागिनी, प्रकाश चन्द्रा मौजूद रहे।
राहुल
विवाहित सर्वाधिक आयु वाले दम्पत्ति के सम्मान के बाद साल 2021 और 2022 में सर्वोत्तम युवा दम्पत्ति जोड़ी और अस्सी से अधिक आयु के वरिष्ठजनों का भी सम्मान किया गया। हरिश्चन्द्र सिरोमणि सम्मान से चन्द्रकिशोर रस्तोगी जी को सम्मानित किया गया।
चित्रकला प्रतियोगिता में दस से पन्द्रह साल तक के बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया जबकि रंगोल तिस्पर्धा में 15 से अधिक आयु के प्रतिभागियों ने अपने हुनर का प्रदर्शन कर प्रशंसा हासिल की। इसके साथ – 15 से अधिक आयु वर्ग में कलश सज्जा और मेहंदी प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। फँस शो में पांच से दस साल तक के बच्चों ने अपनी अदाओं से सबका ध्यान खींचा। सम्मान समारोह में दसर्व बारहवीं में 97 से अधिक अंक लाने वालों का अलंकरण किया गया। इसके साथ ही उच्च शिक्षा के तह 2. एमबीए, एमसीए. पीएचडी, एमबीबीएस के मेधावियों को भी सम्मानित किया गया।

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