ठग सुकेश ने पत्र जारी कर बताया, पहले क्यों नहीं किया खुलासा, और अब क्यों

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नई दिल्ली । जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने एक और पत्र जारी कर बताया है कि जब ईडी व सीबीआई उससे पूछताछ कर रही थी तब उसने आप नेताओं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और जेल में बंद मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ आरोपों का खुलासा क्यों नहीं किया। मंडोली जेल में बंद सुकेश सुकेश ने मीडिया को संबोधित पत्र में कहा मैं इसका जवाब दूंगा, मैं आपको बता दूं कि जेल प्रशासन से मिल रही लगातार धमकियों के कारण मैं चुप रहा और सब कुछ नजरअंदाज कर दिया। मेरे पूछताछ की प्रक्रिया से गुजरने के बावजूद मंत्री सत्येंद्र जैन ने मुझसे पंजाब और गोवा चुनावों के दौरान धन देने की मांग की।

चंद्रशेखर के पत्र में आगे कहा गया है, इस साल, क्योंकि यह बहुत अधिक हो गया, मैंने कानून के अनुसार आगे बढ़ने का फैसला किया। इसलिए नहीं कि कोई मुझे ऐसा करने के लिए कह रहा है।

सुकेश ने कहा केजरीवाल जी, क्यों जैन मुझसे लगातार पूर्व डीजी संदीप गोयल और जेल प्रशासन के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर शिकायत को वापस लेने के लिए कह रहे थे, मुझे आपके चुनाव अभियानों के लिए और अधिक धन देने के लिए कहने के अलावा मुझे लगातार धमकी क्यों दी गई? जांच से क्यों डरते हैं? अगर आप सच्चे हैं तो किस बात से डर रहे हैं।

पत्र में आगे लिखा केजरीवाल जी, मनीष जी ने कहा है कि मैं यह सब इसलिए कर रहा हूं क्योंकि मेरे मामले में मेरी मदद की जा रही है, मुझे इसका जवाब देने में खुशी होगी, दुर्भाग्य से वह बहुत गलत है, क्योंकि मुझे किसी की मदद में कोई दिलचस्पी नहीं है और सौभाग्य से मैं अपने मामले को संभालने और अपनी बेगुनाही साबित करने में सक्षम हूं। इसलिए मामले को मुख्य मुद्दे से मोड़ना बंद करें।

चंद्रशेखर ने अपने पत्र में कहा केजरीवाल जी यह मत कहो कि यह सब चुनाव के कारण किया जा रहा है। मैं आपको कुछ बताता हूं और आपको कुछ सलाह देता हूं, आप और श्री जैन उन कुछ लोगों में से हैं, जो मुझे अच्छी तरह से जानते हैं, इसलिए इस भ्रम में मत करो कि मैंने जो कुछ कहा है, उसके संबंध में मैं सबूत नहीं दूंगा, मैं वह सब कुछ दूंगा जो मेरे पास है, जिसे आप अच्छी तरह से जानते हैं, क्योंकि आपका मुखौटा हटाना है।

चंद्रशेखर ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जेल प्रशासन के जरिए आप की ओर से ऑफर और धमकियां मिल रही थीं।

पत्र में लिखा है, केजरीवाल जी मुझे जेल प्रशासन और अपने साथियों के माध्यम से प्रस्ताव और धमकियां भेजना बंद करें, मैं आपके किसी भी प्रस्ताव से न तो भयभीत हूं न ही दिलचस्पी रखता हूं। मैं पीछे नहीं हटूंगा।

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