IAF को सौंपे स्वदेशी हेलीकाॅप्टर, रक्षामंत्री बोले-दुश्मन को चकमा देने में सक्षम

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नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) को आज एक बड़ी सौगात मिली है. वायुसेना के युद्ध कौशल को धार देने के लिए देश में विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकाॅप्टर (Light Combat Helicopter, LCH) का जत्था तैयार किया गया. राजस्थान के जोधपुर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में स्वदेशी हेलीकाॅप्टरों को भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया. इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा एलसीएच दुश्मन को चकमा देने, कई तरह के गोला-बारूद ले जाने और उसे तुरंत साइट पर पहुंचाने में सक्षम है. एलसीएच विभिन्न इलाकों में हमारे सशस्त्र बलों की जरूरतों को पूरा करता है और यह हमारी सेना और वायु सेना दोनों के लिए एक आदर्श मंच है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से हमलावर हेलीकॉप्टरों की जरूरत थी और 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान इसकी जरूरत को गंभीरता से महसूस किया गया था. एलसीएच दो दशकों के अनुसंधान एवं विकास का परिणाम है. इसका शामिल होना रक्षा उत्पादन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.

15 हेलीकाॅप्टर का जत्था शामिल

इस वर्ष मार्च में पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति की बैठक में स्वदेश विकसित 15 एलसीएच को खरीदने की मंजूरी दी गई थी. इन हेलीकाॅप्टरों में दस भारतीय वायुसेना और पांच थल सेना के लिए हैं. अधिकारियों के अनुसार, यह हथियारों के साथ पांच हजार मीटर की ऊंचाई तय कर सकता है.

लद्दाख और रेगीस्तानी क्षेत्र में होगा तैनात

इन हेलीकॉप्टरों को हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड ने तैयार किया है. इसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात करने के लिए बनाया गया है. सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे लद्दाख और रेगिस्तानी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तैनात किया जाएगा. भारतीय वायुसेना लगातार अपनी ताकत में इजाफा कर रही है. उसने बीते तीन चार सालों में चिनूक, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और अब एलसीएच को शामिल किया है. एलसीएच एक आधुनिक किस्म का हेलीकाॅप्टर है. इसे सीमाओं की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है.

 

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