भारतीय जनता पार्टी भल्रे ही परिवारवाद का विरोध करे लेकिन उसके नताओं का पुत्रमोह छिपा नहीं है !प्रयागराज की सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने अपने पुत्र मयंक जोशी को विधानसभा चुनाव का टिकट पक्का करने के लिए अपनी सांसदी तक छोड़ने की पेशकश की है। इसके लिए वे पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में ही डटीं हैं। मंगलवार को उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिख कर कहा कि अगर पार्टी उनके पुत्र मयंक जोशी को इस विधानसभा चुनाव में टिकट देती है तो वे लोकसभा की सदस्यता छोड़ने के लिए तैयार हैं।
रीता बहुगुणा ने कहा है कि उनका बेटा पिछले कई वर्ष से भाजपा में काम कर रहा है । इसी वजह से उन्होंने पुत्र मयंक के लिए पार्टी से टिकट की मांग की है । उन्होंने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को भी यह बात पहले ही बता दी है । रीता के मुताबिक वे पार्टी के एक परिवार एक टिकट के नियम का समर्थन करती हैं। पार्टी ने नियम बनाया है कि एक परिवार से एक ही व्यक्ति को टिकट दिया जाएगा। ऐसे में अगर मेरे बेटे को लखनऊ कैंट से टिकट मिलता है, तो मैं सांसद पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं।
उनका कहना है कि वे 2024 में लोकसभा चुनाव भी नहीं लडेंगी । रीता के अनुसार वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में ही उन्होंने तय किया था कि वह उनका आखिरी चुनाव है, लेकिन बाद में पार्टी नेतृत्व ने उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव लड़ने को कहा। उन्होंने कहा कि वह भाजपा में ही है और भाजपा में ही रहेंगी।
