आज की कहानी पीपली लाइव के गाने में संशोधन के साथ है – “सखी सैंया तो नईखे कमात हैं. महंगाई डायन मारे जात है”। प्रधानमंत्री मोदी जी विपक्ष में रह कर बहत बड़ी बड़ी बात करते थेआज उन्होंने ही जनता को महंगाई के बोझ तले दबा दिया है। आज जब 45 वर्षों में सबसे अधि क बेरोजगारी है, आय घट गयी है तब देश को महंगाई तले रौंदा जा रहा है। और यह महंगाई – पेट्रोल डीज़ल तक हीसीमित नहीं हैआते दाल चावल, दूध दही लस्सी के दामों में भी आग लगी है।
पिछले आठ वर्षों में मोदी सरकार का रिकॉर्ड इस सच्चाई को उजागर करता है:
2014 1410 प्रति सिलेंडर
वृद्धि 156%
एलपीजी
2022 1,0531,240 रुपये प्रति सिलेंडर 95-112 रुपये प्रति लीटर 90-100 रुपए प्रति लीटर 200 रुपए प्रति किलो
पेट्रोल
71 रुपये प्रति लीटर डीजल
155 रुपये प्रति लीटर सरसों का तेल 90 रुपये प्रति किलो
40% 175% 122%
