24000 बर्खास्त टीचरों को इस तरीके से मिलेगी नौकरी…ममता बनर्जी ने निकाली सुप्रीम कोर्ट के फैसले की काट

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कोलकाता : अगले साल पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने एक बड़ी चाल चल दी है. इससे राज्य के 24 हजार टीचर्स को बर्खास्त करने वाले सुप्रीम कोर्ट का आदेश कुंद पड़ा जाएगा. दरअसल, ममता बनर्जी ने स्कूलों में 24,203 खाली पदों को भरने के लिए एक रोडमैप की घोषणा की. ये खाली पद कलकत्ता हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट के स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) से जुड़े फैसलों के बाद खाली हुए हैं. इसके अलावा उन्होंने स्कूलों में 20,000 अतिरिक्त नौकरियों के सृजन की भी घोषणा की. यह ममता बनर्जी सरकार की अब तक की सबसे बड़ी स्कूल भर्ती प्रक्रिया होगी.

भर्ती प्रक्रिया 30 मई से शुरू होगी जो सुप्रीम कोर्ट की 31 मई की समय सीमा से एक दिन पहले है. इसकी शुरुआत एक भर्ती विज्ञापन के साथ होगी और यह 20 नवंबर से शुरू होने वाली काउंसलिंग के साथ समाप्त होगी. ममता ने कहा कि 24,203 खाली पदों के अलावा, कक्षा 9 और 10 के लिए 11,517 शिक्षकों, कक्षा 11 और 12 के लिए 6,912 शिक्षकों और ग्रुप सी व ग्रुप डी के लिए 1,571 पदों की अतिरिक्त रिक्तियां बनाई गई हैं. कुल मिलाकर 44,203 रिक्तियां हैं.

आयु सीमा में छूट और अनुभव को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016 के एसएससी पैनल में नौ साल की देरी के कारण कई उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा एक समस्या हो सकती है. उन्होंने कहा कि हम आयु सीमा में छूट देंगे ताकि सभी उम्मीदवार परीक्षा दे सकें. साथ ही जिनके पास काम का अनुभव है उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी. यह उन शिक्षकों के लिए फायदेमंद हो सकता है जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अपनी नौकरी खो दी. ममता ने उन लोगों को भी ध्यान में रखा जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने वेतन वापस करने और तत्काल नौकरी छोड़ने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि जून के पहले सप्ताह में ग्रुप सी और ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए जिन्होंने नौकरी खो दी या जिनसे पैसा वापस मांगा गया है, उनके लिए एक अलग अधिसूचना जारी की जाएगी. वे तीन-चार अन्य विभागों में शामिल होने का विकल्प चुन सकेंगे.

 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन
ममता ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट की 31 मई की समय सीमा का उल्लंघन नहीं करना चाहती भले ही उन्होंने इस आदेश के खिलाफ एक समीक्षा याचिका दायर की हो. उन्होंने कहा कि हमने अब तक कोई कदम नहीं उठाया क्योंकि हमें उम्मीद थी कि समीक्षा याचिका से अनुकूल परिणाम मिल सकता है. लेकिन हमें 31 मई की समय सीमा का पालन करना होगा. नई भर्ती प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती देने की प्रक्रिया दोनों साथ-साथ चलेंगी. अगर समीक्षा याचिका का परिणाम हमारे पक्ष में आता है तो हम उसे स्वीकार करेंगे. दोनों विकल्प खुले हैं. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन हो.

प्रदर्शनकारी शिक्षकों से अपील
प्रदर्शन कर रहे एसएससी शिक्षकों से सीधे अपील करते हुए ममता ने कहा कि आप परीक्षा दें. अपनी स्कूल में जाना जारी रखें. आपको साल के अंत तक वेतन मिलता रहेगा. अपने सम्मान के साथ वापसी का अधिकार सुरक्षित रखें. अवसर आएंगे. अगर मैं कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करती तो 26,000 शिक्षकों को समस्या होगी. आपको समीक्षा याचिका का इंतजार करना होगा. यह कहना कि आप परीक्षा नहीं देंगे काम नहीं करेगा. इससे आपकी नौकरी नहीं बचेगी. यह हमारा आदेश नहीं सुप्रीम कोर्ट का आदेश है.

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गर्मी की छुट्टियों के बाद हम आपकी समीक्षा याचिका फिर से दर्ज करेंगे. फैसला मेरे हाथ में नहीं कोर्ट के हाथ में है. ममता ने 40 साल से अधिक उम्र वालों को आयु सीमा में छूट देने का आश्वासन दिया और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि हमने आपकी नौकरी नहीं छीनी. जिन्होंने आपकी नौकरी छीनी वे अब आपके दोस्त बनने की कोशिश कर रहे हैं.

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