जमशेदपुर, जासं। केंद्र सरकार ने बजट 2021 में सार्वजनिक बैंकों में विनिवेश की घोषणा की है। इसके खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। विभिन्न यूनियन के सदस्यों ने बिष्टुपुर बैंक ऑफ इंडिया मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
इस दौरान यूनियन नेताओं ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में देश के विभिन्न बैंकों ने 174336 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पिछले छह वर्षों से बड़े पैमाने में सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण कर रही है। इसलिए मुनाफे के बावजूद केंद्र सरकार सार्वजनिक बैंकों को छह लाख 61 हजार करोड़ रुपये में बेच रही है। बैंक यूनियन्स के नेताओं का आरोप है कि अब तक बैंकों में होनेवाले मुनाफे का लाभ देश के विकास और जनता की भलाई में खर्च होता था। लेकिन अब निजीकरण के बाद बैंकों में होनेवाला लाभ पूंजीपतियों की तिजोरी में जाएंगे और पूरा नुकसान देश भर के बैंक ग्राहकों को होगा।