वाशिंगटन : अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में बुधवार की शाम एक दिल दहलाने वाली घटना घटी. यहां पर इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह हमला कैपिटल ज्यूइश म्यूजियम के पास हुआ, जो अमेरिकी राजधानी में एफबीआई के फील्ड ऑफिस से महज कुछ कदम की दूरी पर स्थित है. होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में दोनों कर्मचारियों की मृत्यु की खबर साझा की. डीसी के पुलिस चीफ ने बताया है कि हमलावरों ने फिलिस्तीन के समर्थन में नारे भी लगाए.
अमेरिका के राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि ये घटना भयानक है और इसे रोकना चाहिए-
न्यूज एजेंसी के मुताबिक घटना की गंभीरता को देखते हुए अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी तुरंत मौके पर पहुंचीं. उनके साथ पूर्व जज और वाशिंगटन में यूएस अटॉर्नी जीनिन पिरो भी मौजूद थीं. दोनों ने इस हमले को एक गंभीर अपराध करार देते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी. हालांकि, पुलिस ने बुधवार देर रात तक हमले के पीछे के मकसद के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी.
इजरायल के संयुक्त राष्ट्र राजदूत डैनी डैनन ने इस हमले को ‘यहूदी-विरोधी आतंकवाद का एक घृणित कृत्य’ बताया है. उन्होंने X पर एक भावुक पोस्ट में कहा- ‘हमें विश्वास है कि अमेरिकी अधिकारी इस आपराधिक कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ा कदम उठाएंगे. इजरायल अपने नागरिकों और प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए दृढ़ता से काम करता रहेगा – दुनिया में कहीं भी’.
हमला नहीं आतंकवादी घटना!
न्यूज एजेंसी के मुताबिक वॉशिगटन डीसी के पुलिस चीफ ने बताया है कि जिन संदिग्धों ने गोली चलाई, वो ‘फिलिस्तीन को आज़ाद करो’ के नारे लगा रहे थे. ‘फ्री-फ्री पैलिस्टाइन’ के नारे लगा रहे थे, फिर उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी. यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब वैश्विक स्तर पर यहूदी-विरोधी घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है. कैपिटल ज्यूइश म्यूजियम, जो यहूदी संस्कृति और इतिहास को समर्पित है, के निकट इस घटना ने न केवल इजरायली समुदाय, बल्कि पूरी दुनिया में चिंता की लहर पैदा कर दी है.