
कांग्रेस के नेता जयवीर शेरगिल ने केंद्र सरकार से तालिबान की बढ़ती हिंसा को देखते हुए अफगानिस्तान में फंसे हिंदुओं और सिखों को वहां से निकालने की अपील की है। उन्होंने बताया कि लगभग 650 सिख और 50 हिंदू अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं।
नई दिल्ली, एएनआइ। कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने सोमवार को केंद्र सरकार से तालिबान की बढ़ती हिंसा को देखते हुए विशेष वीजा पर अफगानिस्तान में फंसे हिंदुओं और सिखों को तत्काल निकालने का आग्रह किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे एक पत्र में सिख समुदाय से संबंधित भारत के एक नागरिक के रूप में जयवीर शेरगिल ने भारत सरकार से हिंदुओं और सिखों को उनके जीवन के लिए खतरे के कारण अफगानिस्तान से बाहर निकालने का अनुरोध किया है। कांग्रेस नेता ने लिखा, “मैं इसे सिख समुदाय से संबंधित एक जिम्मेदार भारतीय नागरिक के रूप में लिख रहा हूं। अपने लोगों (यानी, भारतीय मूल के लोगों) के लिए मेरे प्यार ने मुझे इस मामले को आपके सम्मानित कार्यालय में आपके विचार के लिए उठाने के लिए मजबूर किया है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के सैनिकों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में तालिबान का हमला तेज हो गया है और वे बंदूक की नोंक पर देश को एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के केंद्र के रूप में बदलने के लिए हिंसा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा के वर्तमान विनाशकारी प्रक्षेपवक्र ने अफगानिस्तान में मानवीय संकट पैदा कर दिया है, इसने भारत सहित वहां रह रहे सभी लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने आगे लिखा कि इस संबंध में मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लगभग 650 सिख और 50 हिंदू अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं। वे सभी तालिबान के भारतीय मूल के अल्पसंख्यकों को मारने के सबसे बड़े टारगेट हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के अल्पसंख्यकों पर हमलों के कई प्रकरण सामने आए हैं, विशेष रूप से तालिबान द्वारा हाल ही में पख्तिया के चमकनी क्षेत्र में स्थित पवित्र गुरुद्वारा से निशान साहिब “को हटाने का शर्मनाक कृत्य, गुरुद्वारा हर राय साहिब पर हमले के दौरान 25 सिखों की हत्या। काबुल में 1 जुलाई, 2018 को जलालाबाद में आत्मघाती हमला, जिसमें 19 सिख और हिंदू मारे गए थे, इस बात का जीता जागता सबूत है कि अफगानिस्तान अब भारतीय मूल के हिंदू/सिखों के लिए एक सुरक्षित देश नहीं है।