मुंबई, एएनआइ। आतंक विरोधी एजेंसी एनआइए के अधिकारियों ने सोमवार रात मुंबई पुलिस सीआईयू में गिरफ्तार सचिन वझे के कार्यालय से एक लैपटॉप, मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज जब्त किए। एनआईए ने अब तक 5 सीआईयू कर्मियों और 2 अपराध शाखा कर्मियों के बयान दर्ज किए हैं। मुंबई पुलिस के सूत्रों से यह जानकारी मिली है।
द्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर बीते 25 फरवरी को खड़ी संदिग्ध कार में मिली जिलेटिन की छड़ों के मामले में गिरफ्तार पुलिस अधिकारी सचिन वझे को निलंबित कर दिया गया है। 25 फरवरी को मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के करीब विस्फोटक से लदी स्कॉर्पियो गाड़ी संदिग्ध अवस्था में मिली थी। इसके कुछ दिन बाद ही इस अज्ञात वाहन के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या हो गई थी, जिसके बाद से ही सचिन वझे शक के घेरे में हैं। हिरेन की पत्नी ने भी सचिन वझे पर शक जाहिर किया है।
विभिन्न आरोपों और शक के आधार पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने 12 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद शनिवार रात को मुंबई पुलिस के सहायक पुलिस इंस्पेक्टर (एपीआइ) सचिन वझे को गिरफ्तार किया था।
17 वर्ष पहले सचिन वझे पहली बार ख्वाजा यूनुस एनकाउंटर मामले में निलंबित किया गया थ, तब उनके निलंबन का आदेश बांबे हाई कोर्ट ने दिया था। उस समय राज्य में कांग्रेस-राकांपा की सरकार थी। निलंबित किए जाने के बाद 2007 में वझे ने खुद नौकरी से इस्तीफा दे दिया और उसके एक साल बाद ही शिवसेना में शामिल हो गए।