संयुक्त राष्ट्र : हमास-इजरायल जंग में संयुक्त राष्ट्र के साथ काम कर रहे एक भारतीय शख्स की मौत हो गई है. संयुक्त राष्ट्र के साथ काम करने वाले भारतीय कर्मी की गाजा के राफा में उस समय मौत हो गई, जब वह यात्रा कर रहा था, तभी उसकी गाड़ी पर राफा में हमला हुआ. यह इजरायल-हमास संघर्ष में पहली बार है, जब संयुक्त राष्ट्र के किसी विदेशी स्टाफ की जान गई है. सूत्रों ने बताया कि मृतक भारतीय संयुक्त राष्ट्र सेफ्टी एंड सिक्योरिटी विभाग (डीएसएस) का स्टाफ सदस्य था. पीड़ित की पहचान अभी तक सामने नहीं आई है.
हालांकि, सूत्रों ने यह जरूर बताया कि मृतक भारत का रहने वाला है और वह भारतीय सेना का पूर्व जवान था. इजरायल-हमास के बीच जंग की शुरुआत 7 अक्टूबर को तब हुई थी, जब हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया था. इजरायल-हमास संघर्ष की शुरुआत के बाद से राफा में संयुक्त राष्ट्र के लिए पहली इंटरनेशनल कैजुएलिटी है. इस घटना में एक अन्य डीएसएस कर्मचारी घायल हो गया.
इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र सेफ्टी और सुरक्षा विभाग (डीएसएस) के एक कर्मचारी की मौत और एक अन्य डीएसएस कर्मचारी के घायल होने की खबर पर गहरा शोक जताया. महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप प्रवक्ता फरहान हक द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र कर्मियों पर सभी हमलों की निंदा की और पूरी जांच की मांग की. गुटेरेस ने मृत स्टाफ सदस्य के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की.
बयान में कहा गया कि गाजा में संघर्ष का भारी असर न केवल नागरिकों पर बल्कि मानवीय कार्यकर्ताओं पर भी जारी है. महासचिव ने तत्काल मानवीय युद्धविराम और सभी बंधकों की रिहाई के लिए अपनी तत्काल अपील दोहराई है. एक्स पर एक पोस्ट में गुटेरेस ने कहा कि गाजा में संयुक्त राष्ट्र के वाहन पर हमला किया गया और हमारे एक सहयोगी की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया. उन्होंने कहा कि गाजा में 190 से ज्यादा संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी मारे गए हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘मानवतावादी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की जानी चाहिए. मैं संयुक्त राष्ट्र कर्मियों पर सभी हमलों की निंदा करता हूं और तत्काल मानवीय युद्धविराम और सभी बंधकों की रिहाई के लिए अपनी तत्काल अपील दोहराता हूं.’