आरोपियों ने मासुम का अपहरण करके हत्या करदिया जिसमे पुलिस ने एक को गिरफ्तार किया और दो अभी भी फरार

अपराध उत्तर प्रदेश राज्य
  • 18 जनवरी को सुबह लोकेश अपने घर से खेलने के लिए एक मंदिर की तरफ गया था, जहां से उसका अपहरण कर लिया गया

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक 10 साल के मासूम लोकेश के अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले में गुरुवार तड़के मुठभेड़ में एक अपहरणकर्ता अजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके पैर में गोली लगी है। बाकी दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी हुई हैं।

जानकारी के अनुसार, कासगंज में 18 जनवरी 2021 को एक 10 साल के मासूम लोकेश के अपहरण और फिर हत्या कर दिए जाने के मामले में आज सुबह कासगंज पुलिस ने एक अपहरणकर्ता अजय को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। अजय के पैर में गोली लगी है। उसे गंभीर हालत में अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है जबकि इस मामले में अभी भी दो अन्य आरोपी फरार हैं।

मासूम की हत्या से परिवार में मातम का माहौल

मासूम के दिन दहाड़े अपहरण और हत्या से मासूम के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। अपहरण के बाद हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था।

क्या है मामला

यह पूरा मामला कासगंज के थाना सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव पिथनपुर का है। यहां 10 वर्षीय लोकेश 18 जनवरी को सुबह अपने घर से खेलने के लिए एक मंदिर की तरफ गया था जहां से उसका अपहरण कर लिया गया। उसके बाद परिजनों ने उसको बहुत ढूंढने का प्रयास किया लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चल सका । जब पीड़ित इसकी शिकायत थाने लेकर बुधवार को पहुंचे तो पुलिस ने मामले की जांच करने का वायदा करके यह कहकर टरका दिया कि मामले की जांच करेंगे और उसके बाद उसकी जानकारी करेंगे।

बुधवार को उस समय पुलिस प्रशासन और परिजनों में हडकंप मच गया जब एक व्यक्ति द्वारा मासूम बच्चे को 40 लाख रुपये की फिरौती लेकर छोड़ने का परिजनों के पास फोन आया। अपहरणकर्ताओं ने फोन पर कहा था कि यदि 40 लाख रुपए के लेकर नहीं आए तो मासूम की हत्या कर फेंक दिया जाएगा। आखिर उन्होंने लोकेश की हत्या कर दी।

पुलिस सक्रिय होती तो बच सकती थी जान

पुलिस यदि 18 जनवरी को लोकेश के अपहरण होने के तुरंत बाद ही सक्रिय हो जाती तो लोकेश को सकुशल मुक्त कराया जा सकता था। लेकिन पुलिस कल 40 लाख की फिरौती का फोन आने के बाद सक्रिय हुई और तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

इधर, मृतक लोकेश की मां देवकी देवी चीख चीख कर कह रही है कि गांव के ही राम बहादुर,राज बहादुर, नरेश,जोड़ीदार और भोला उर्फ अर्जुन ने धमकी दी थी और ये ही जिम्मेदार हैं। पुलिस की कार्य प्रणाली से भी लोकेश के परिजन काफी निराश हैं।

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