कोरोनावायरस महामारी पर अंतिम प्रहार के लिए उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में 16 जनवरी से टीकाकरण का महा-अभियान शुरू हो चुका है। टीकाकरण के पहले चरण में फ्रंट लाइन पर काम करने वाले हेल्थ केयर वर्कर्स को वैक्सीनेट किया गया। लेकिन पहले उत्तर प्रदेश में 9 हजार से ज्यादा लोग वैक्सीनेशन से वंचित रह गए। इसकी वजह कुछ जगहों पर हेल्थ वर्कर्स का गैर हाजिर रहना बताया जा रहा है। अब प्रदेश में 22 जनवरी को वैक्सीन फिर लगाई जाएगी।
22 जनवरी को फिर चलेगा अभियान
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि 16 जनवरी को प्रदेश के 317 केंद्रों पर 31,700 हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन लगनी थी। यानी हर केंद्र पर 100 लोगों को वैक्सीन की डोज दी जानी थी। लेकिन पहले दिन सिर्फ 22,643 लोगों को वैक्सीन दिया गया। वैक्सीन लगाने का अगला कार्यक्रम 22 जनवरी को होगा। जिनको वैक्सीन दी जाएगी हम उनकी सूची बना रहे हैं।
कोविन पोर्टल से गोरखपुर CMO का नाम नहीं
वहीं, गोरखपुर में एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां कोविन पोर्टल पर हेल्थ केयर वर्कर्स की सूची से मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुधाकर पांडेय और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव का ही नाम नहीं था। इससे ये दोनों लोग वैक्सीन से वंचित रह गए। इसके पीछे सर्वर धीमा होना बताया जा रहा है। गोरखपुर में एक दिन में 600 हेल्थ वर्कर्स को टीका लगना था। लेकिन 310 लोगों की वैक्सीन की पहली डोज दी गई। बता दें कि गोरखपुर में 27 हजार हेल्थ वर्कर्स को टीका लगाया जाना है।
404 नए केस आए तो 666 डिस्चार्ज हुए
बीते 24 घंटों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 404 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 666 डिस्चार्ज हुए हैं। अब प्रदेश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 8,881 है। संक्रमण से अब तक 8,576 लोगों की मौत हुई। रिकवरी प्रतिशत अब 97.07 हो गया है। शनिवार को 1,28,073 सैंपल की जांच हुई।