जागरण संवाददाता, मऊ : गोंड जाति को अनुसूचित प्रमाण पत्र जारी करने का मामला अब तूल पकड़ता दिख रहा हे। बुधवार को अखिल भारतीय भारतवर्षीय गोंड महासभा ने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान महासभा ने सिटी मजिस्ट्रेट जेएन सचान व सीआरओ हंसराज यादव को मांग पत्र सौंपकर प्रशासन से अविलंब प्रमाण पत्र निर्गत करने की मांग की।
त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में शासन ने जनपद में अनुसूचित जनजाति के न होने की रिपोर्ट शासन को प्रेषित किया है। इधर पंचायत चुनाव में 22 ग्राम पंचायत व 11 क्षेत्र पंचायत की सीटें भी एसटी वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। अब ऐसे में जहां बड़ा सवाल उठना शुरू हो गया है कि अगर जनपद में अनुसूचित जनजाति के लोग नहीं हैं तो आखिर इन आरक्षित सीटों का होगा क्या। इधर कलेक्ट्रेट में अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा ने प्रमाण पत्र निर्गत करने की आवाज उठाई। जिलाध्यक्ष फौजी किशनलाल गोंड ने कहा कि प्रशासन गोंड समाज के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। कहा कि पहले प्रशासन बहुतेरे प्रमाण पत्र जारी कर चुका है, अब उन्हें भी एसटी मानने से इंकार कर रहा है। आखिर अपनी ही रिपोर्ट को प्रशासन क्यों झूठा साबित कर रहा है। बताया कि इसके लिए शासन के तरफ से कई बार जिलों को पत्र भी जारी किया गया है कि प्रमाण पत्र बनाए जाएं। इसके बाद भी जनपद में प्रशासन सो रहा है। इससे गोंड समाज का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। पिछले एक वर्ष से प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे। अगर प्रमाण पत्र नहीं बनाए गए तो जनपद में ग्राम पंचायतें व क्षेत्र पंचायत की आरक्षित सीटें खाली रह जाएंगी। धरने में भूपेंद्र गोंड, केदार गोंड, रामकुंवर गोंड, रमाकांत गोंड, सुरेश गोंड, रामजीत गोंड आदि शामिल थे।